Delhi News: दिल्ली में नेपाल के स्वाद और संस्कृति का संगम, फूड एंड कल्चरल फेस्टिवल में 70 देशों के पहुंचे डिप्लोमेट्स
Delhi News In Hindi: दिल्ली में आयोजित नेपाल फूड एंड कल्चरल फेस्टिवल 2026 में नेपाली व्यंजन, लोक नृत्य और संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिली. कार्यक्रम में 70 देशों के डिप्लोमेट्स शामिल हुए.

दिल्ली में आयोजित नेपाल फूड एंड कल्चरल फेस्टिवल 2026 ने लोगों को नेपाली संस्कृति और स्वाद से रूबरू करा दिया. नेपाल दूतावास के मैदान में हुए इस खास कार्यक्रम में नेपाली व्यंजनों की खुशबू, लोक संगीत और पारंपरिक नृत्य ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया. बड़ी संख्या में भारतीय मेहमानों के साथ-साथ दुनिया भर के डिप्लोमेट्स ने भी इस आयोजन में हिस्सा लिया.
70 देशों के डिप्लोमेट्स ने लिया हिस्सा
इस फेस्टिवल में करीब 70 देशों के डिप्लोमेट्स को आमंत्रित किया गया था. कई देशों के राजदूत खुद कार्यक्रम में मौजूद रहे, जबकि कुछ देशों की ओर से अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया. खास तौर पर कजाकिस्तान, अजरबैजान और उज्बेकिस्तान के डिप्लोमेट्स की मौजूदगी ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय रंग दे दिया.
कार्यक्रम के मेजबान भारत में नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा थे, जिन्होंने सभी मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया. वहीं नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और खास बना दिया.
एंबेसी ग्राउंड में हुआ आयोजन
नेपाल के भारत में डिप्टी एंबेसडर सुरेंद्र थापा ने बताया कि इस बार कार्यक्रम को किसी होटल में आयोजित करने के बजाय सीधे नेपाल दूतावास के मैदान में किया गया. उनका कहना था कि खुले और प्राकृतिक माहौल में कार्यक्रम करने से लोग नेपाली संस्कृति को ज्यादा करीब से महसूस कर सके.
उन्होंने कहा कि नेपाल में पहाड़ से लेकर मैदान तक खाने-पीने और संस्कृति की जबरदस्त विविधता है. इस फेस्टिवल के जरिए विदेशी मेहमानों और भारतीयों को यह दिखाना था कि नेपाल सिर्फ पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि अपने स्वाद और परंपराओं के लिए भी जाना जाता है.
‘रोटी-बेटी’ का रिश्ता बताया मजबूत
सुरेंद्र थापा ने भारत और नेपाल के रिश्तों को ‘रोटी-बेटी का रिश्ता’ बताते हुए कहा कि यह संबंध सदियों पुराना है. उन्होंने कहा कि सीता के समय से दोनों देशों के बीच गहरा जुड़ाव रहा है और आज भी यह रिश्ता लोगों के दिलों में उतना ही मजबूत है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्तर से ज्यादा मजबूत रिश्ता दोनों देशों के आम लोगों के बीच है.
नेपाली व्यंजनों और लोक संस्कृति ने जीता दिल
फेस्टिवल में आए मेहमानों को ममो, सेल रोटी, गुंद्रुक और ढिंडो जैसे पारंपरिक नेपाली व्यंजनों का स्वाद चखने का मौका मिला. इन पकवानों की खुशबू ने पूरे कार्यक्रम में अलग ही माहौल बना दिया.
इसके साथ ही नेपाली लोक संगीत और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों ने लोगों को खूब आकर्षित किया. कलाकारों ने रंग-बिरंगी पोशाकों में शानदार प्रस्तुति दी, जिससे पूरा आयोजन जीवंत हो उठा.
भारतीयों को नेपाल आने का न्योता
कार्यक्रम के दौरान सुरेंद्र थापा ने भारतीय लोगों को नेपाल घूमने का न्योता भी दिया. उन्होंने कहा कि नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर, खूबसूरत पहाड़ और लुंबिनी जैसे पवित्र स्थल लोगों को जरूर देखने चाहिए.
उनका कहना था कि जब भारतीय लोग नेपाल आएंगे और वहां की संस्कृति को करीब से देखेंगे, तो दोनों देशों के बीच भाईचारा और भी मजबूत होगा.
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