NEET पेपर लीक के बीच IMA अध्यक्ष का बड़ा बयान, बोले- 'ऐसा एक्शन होना चाहिए जो...'
NEET UG 2026 Exam Cancelled: नीट पेपर लीक पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन अध्यक्ष ने दुख व्यक्त करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को मानसिक आघात लगता है.

नीट (NEET) परीक्षा का पेपर लीक होने और उसके बाद परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. IMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार जे. नायक ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए सरकार से ऐसे ठोस कदम उठाने की मांग की है, जिससे पेपर लीक की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लग सके.
डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से परीक्षार्थियों को बहुत बड़ा मानसिक धक्का लगता है. छात्र भारी तनाव (स्ट्रेस) में आ जाते हैं, क्योंकि उनकी सालों की कड़ी मेहनत पर पानी फिर जाता है और उन्हें दोबारा से तैयारी करनी पड़ती है. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि बार-बार पेपर लीक होना सिस्टम के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है.
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'कौन हैं ये माफिया? इन पर हो सख्त से सख्त कार्रवाई'
IMA अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में कहा, "आखिर वो कौन माफिया हैं जो बार-बार पेपर लीक कर रहे हैं? उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. यह कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जो भविष्य के लिए एक नजीर (उदाहरण) बने, ताकि आगे से ऐसी घटना करने की कोई हिम्मत न करे." उन्होंने याद दिलाया कि नीट का पेपर लीक होने की यह कोई पहली घटना नहीं है, यह दूसरी बार है जब ऐसा हुआ है, जिसने छात्रों का भरोसा तोड़ा है.
CBI जांच पर भरोसा, सरकार से की ये खास अपील
यह मामला अब सीबीआई (CBI) को सौंप दिया गया है. इस पर डॉ. नायक ने कहा, "हम सरकार और सीबीआई से अनुरोध करते हैं कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष हो और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए."
'तारीख घोषित करने से पहले बच्चों की हो काउंसलिंग'
नीट परीक्षा के महत्व को समझाते हुए डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि यह देश की सबसे अहम परीक्षाओं में से एक है. इसे पास करके ही छात्र डॉक्टर बनते हैं और आगे चलकर लोगों की जिंदगियां बचाते हैं. अगर ऐसी परीक्षा का पेपर लीक होता है, तो छात्रों का सिर्फ मनोबल ही नहीं टूटता, बल्कि वे गहरे डिप्रेशन में भी जा सकते हैं.
उन्होंने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि नई तारीख घोषित करने से पहले बच्चों को तनाव से बाहर आने का थोड़ा वक्त दिया जाए, उनकी उचित काउंसलिंग कराई जाए. साथ ही सरकार यह पूरी तरह सुनिश्चित करे कि अब भविष्य में पेपर लीक नहीं होगा, तभी नई तारीखों का ऐलान किया जाए.


























