पेपर लीक से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से बड़ा फैसला लिया गया है. स्पेशल जज अनु ग्रोवर बालिगा की जगह अब फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में जज अजय गुप्ता पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे. 

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दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस (DHJS) के 138 जजों का बड़े स्तर पर ट्रांसफर और नई नियुक्तियां की हैं. इनमें से 13 जजों को राउज एवेन्यू के स्पेशल कोर्ट में नियुक्त किया गया है. ये जज UAPA, NIA Act, NDPS Act और MCOCA जैसे गंभीर मामलों की सुनवाई करेंगे.

वहीं पेपर लीक से जुड़े मामले के लिए राउज एवन्यू कोर्ट में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया गया है. जमीन के बदले नौकरी, IRCTC और सोनिया गांधी के वोटर ID जैसे मामलों की सुनवाई कर रहे राउज ऐवन्यू कोर्ट के जज डॉ. विशाल गोगने का भी ट्रांसफर हुआ.

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संशोधित कानून को मिली मंजूरी

बता दें कि सार्वजनिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक मामलों में आरोपियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई के लिए राज्यों को विशेष त्वरित अदालतें गठित करने का अधिकार देने तथा सजा को और कड़ा करने वाले संशोधित कानून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई है. शुक्रवार को जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, विधि मंत्रालय ने बताया कि संसद के दोनों सदनों से इस सप्ताह पारित लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी मंजूरी दे दी है.

संशोधित कानून के तहत अब प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी. कानून के अनुसार, प्रश्नपत्र लीक कराने या परीक्षाओं में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने के दोषियों को कम से कम पांच वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. संगठित अपराध के मामलों में संशोधित कानून में न्यूनतम सात वर्ष के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. 

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