दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मास्टर प्लान दिल्ली 2047 के संदर्भ में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि बढ़ते ट्रांसपोर्ट को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के लिए प्लानिंग की गई है. मास्टर प्लान में हर वर्ग के लिए आवास की व्यवस्था पर जोर दिया गया है और एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी आसान बनाया गया है.
उन्होंने कहा कि 30 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर ग्राउंड फ्लोर पर बिजनेस गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी. दिल्ली को बेहतर TOD पॉलिसी मिलेगी और अधिक FAR के जरिए आवासीय क्षेत्रों के लोगों को भी सुविधा दी जाएगी. इसके अलावा TDR की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और मंजूरियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम विकसित किया जाएगा.
लैंड डेंसिटी का भी रखा जाएगा ध्यान
सीएम ने कहा कि लैंड डेंसिटी और ऊंची इमारतों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. कॉलेज और इंस्टीट्यूट को अब अलग-अलग श्रेणियों के बजाय एक ही एजुकेशनल इंस्टीट्यूट कैटेगरी में रखा गया है. दिल्ली में मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाए जाएंगे, जबकि यमुना के किनारे 52 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक विकसित किया जाएगा.
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उन्होंने कहा कि पूरे शहर के लिए यूनिफाइड पार्किंग प्लान तैयार होगा और पार्किंग स्पेस को कम किया जाएगा, ताकि लोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें. वहीं, होलसेल मार्केट का FAR बढ़ाया गया है, जबकि वेयरहाउस के FAR को कम किया जाएगा.
