Makar Sankranti Kite Festival: दिल्ली: मकर संक्रांति पर रहेगी पतंगों की रौनक, इंडिया गेट से कुतुब मीनार तक ये ठिकाने बने खास
Makar Sankranti Kite Festival: मकर संक्रांति 2026 पर दिल्ली में पतंगों की खूब रौनक रहेगी. रंगबिरंगी पतंगों से राजधानी का आसमान सजा हुआ दिखाई देगा.

देशभर में बुधवार (13 जनवरी) को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाएगा. मकर संक्रांति का त्योहार आते ही राजधानी दिल्ली में उल्लास और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिलता है. इस दिन को खिचड़ी पर्व के रूप में भी मनाया जाता है, जहां घरों में विशेष खिचड़ी बनती है.
मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ का दान होता है और खुले आसमान के नीचे पतंगबाजी का जश्न छा जाता है. अगर आप इस बार बाहर शहर नहीं जा रहे हैं, तो दिल्ली के कई कोनों में आपको त्योहार का पूरा रंग देखने को मिल सकता है. त्योहार पर राजधानी में पतंगों की अलग रौनक देखने को मिलती है. पतंगबाजी के लिए इंडिया गेट से लेकर कुतुब मीनार तक ये ठिकाने बेहद खास हैं.
इंडिया गेट पर होती है अलग ही रौनक
मकर संक्रांति के दिन इंडिया गेट की रौनक कुछ अलग ही होती है. यहां लोग परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचकर पतंग उड़ाने की प्रतिस्पर्धा में जुट जाते हैं. रंग-बिरंगी पतंगों से भरा आसमान किसी उत्सव से कम नहीं लगता. इस मौके पर खास सजावट की जाती है और कई स्थानों पर खिचड़ी का वितरण भी होता है. घूमने के साथ-साथ स्ट्रीट फूड का मजा लेना भी यहां का खास आकर्षण है.
बांसेरा बम्बू पार्क में प्रकृति के बीच त्योहार का आनंद
सराय काले खां के पास स्थित बांसेरा बम्बू पार्क मकर संक्रांति पर लोगों की पसंदीदा जगह बन जाता है. हरियाली के बीच लोग पतंग उड़ाते हैं, खिचड़ी का स्वाद लेते हैं और पिकनिक का आनंद उठाते हैं. परिवारों और दोस्तों के समूह यहां पूरे दिन मौज-मस्ती करते नजर आते हैं.
लोधी गार्डन में मिलेगा सुकून और उत्साह का अनुभव
अगर आप भीड़ से थोड़ा दूर रहकर त्योहार मनाना चाहते हैं, तो लोधी गार्डन एक बेहतर विकल्प है. ऐतिहासिक माहौल और खुले लॉन में लोग पतंगबाजी करते हैं और साथ बैठकर खाने-पीने का आनंद लेते हैं. मकर संक्रांति के दिन यहां सुकून और उत्साह दोनों का अनुभव होता है.
कुतुब मीनार के इतिहास की छांव में पतंगबाजी
कुतुब मीनार के आसपास मकर संक्रांति का नजारा बेहद खास होता है. ऐतिहासिक इमारत की पृष्ठभूमि में पतंग उड़ाना और तस्वीरें लेना लोगों को खूब पसंद आता है. घूमने और त्योहार का मजा एक साथ लेना हो, तो यह जगह जरूर एक्सप्लोर करें.
इन जगहों पर आसानी से पहुंचने के विकल्प
दिल्ली की इन सभी जगहों तक मेट्रो के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है. कैब का विकल्प भी मौजूद है, हालांकि त्योहार के दिन भीड़ और खर्च दोनों अधिक हो सकते हैं. बेहतर होगा कि समय का ध्यान रखकर घर से निकलें.
पतंग विक्रेताओं का क्या कहना है?
दिल्ली के पतंग विक्रेता संजय बताते हैं कि मकर संक्रांति पर अब दिल्ली में भी पतंगबाजी का जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता है. खासकर बच्चों और युवाओं में इसका क्रेज तेजी से बढ़ा है. गुजरात और पंजाब की तरह अब राजधानी में भी इस त्योहार पर पतंगों की मांग काफी रहती है. उनके मुताबिक, पतंगों की कीमत 10 से 20 रुपये से शुरू होकर 100 रुपये तक जाती है.
मांझे की बात करें तो जोर देते हुए उन्होंने कहा कि वे सिर्फ भारतीय मांझा ही बेचते हैं, जिसकी कीमत क्वालिटी और लंबाई के अनुसार 50 रुपये से 1000 रुपये तक होती है. चरखड़ी की कीमत 650 रुपये से शुरू होकर 2500 रुपये तक जाती है. दुकानदारों के मुताबिक मकर संक्रांति से ठीक पहले दो दिनों में पतंग और मांझे की बिक्री चरम पर रहती है.
























