पूर्व CM शीला दीक्षित की बेटी लतिका दीक्षित ने सक्रिय राजनीति में आने के दिए संकेत, 'अगर पार्टी...'
Latika Dikshit Exclusive: दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित की बेटी लतिका दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस को जमीनी स्तर पर जाकर लोगों से जुड़ना होगा. पहले अपने संगठन को मजबूत करना होगा.

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की बेटी लतिका दीक्षित ने सक्रिय राजनीति में आने के संकेत दिए हैं. एबीपी न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस उन्हें टिकट देती है तो वह चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटेंगी. लतिका दीक्षित ने कांग्रेस संगठन, महिला प्रतिनिधित्व और दिल्ली की राजनीति को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस से उनका जुड़ाव नया नहीं है.
मां की विरासत को आगे बढ़ाना चाहती हैं लतिका दीक्षित
लतिका दीक्षित ने पहली बार 1984 में अपनी मां के लिए कन्नौज से चुनाव प्रचार शुरू किया था. उन्होंने दावा किया कि 1998 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर रणनीति बनाने में भूमिका निभाई थी और बाद के चुनावों में भी शीला दीक्षित के प्रचार अभियान की जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने कहा कि दिल्ली के विकास और आधुनिक स्वरूप में शीला दीक्षित का बड़ा योगदान रहा है और वह चाहती हैं कि उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया जाए.
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'मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक महिला ही बेहतर तरीके...'
लतिका दीक्षित ने साफ कहा कि वह चुनावी राजनीति में आना चाहती हैं और यदि पार्टी उन्हें मौका देती है तो वह इनकार नहीं करेंगी. उन्होंने कहा, "दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक महिला ही बेहतर तरीके से जवाब दे सकती है. महिलाएं घर का बजट संभालती हैं, इसलिए सरकार चलाने की क्षमता भी रखती हैं."
कांग्रेस में महिलाओं की अनदेखी पर उठाए सवाल
लतिका दीक्षित ने कांग्रेस संगठन के भीतर महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस ने हाल ही में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की, लेकिन एक भी महिला को जिला अध्यक्ष नहीं बनाया गया, जो निराशाजनक है. उन्होंने कहा कि देश और राजनीति में महिलाओं को केवल 33 प्रतिशत नहीं बल्कि 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए.
राहुल-प्रियंका की तारीफ, संगठन को नसीहत
लतिका दीक्षित ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मेहनत की सराहना की लेकिन साथ ही कहा कि पार्टी के निचले स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद कमजोर हुआ है. उन्होंने कहा, "राहुल गांधी योद्धा की तरह काम कर रहे हैं लेकिन नीचे के नेताओं ने कार्यकर्ताओं से तार काट दिया है. अब समय है कि उन तारों को दोबारा जोड़ा जाए." इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को जमीनी स्तर पर जाकर लोगों से जुड़ना होगा और पहले अपने संगठन को मजबूत करना होगा.
प्रियंका और राहुल गांधी में बताया फर्क
गांधी परिवार की भूमिका का जिक्र करते हुए लतिका दीक्षित ने कहा कि इस देश के लिए गांधी परिवार का बड़ा योगदान रहा है. उन्होंने राहुल गांधी को गंभीर और अध्ययनशील नेता बताया, जबकि प्रियंका गांधी को भावनात्मक और लोगों से जुड़ने वाला नेता बताया. उन्होंने अपनी मां के निधन का जिक्र करते हुए कहा कि उस कठिन समय में प्रियंका गांधी उनके साथ खड़ी रहीं और उन्हें व्यक्तिगत संबल दिया.
रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने पर खुशी!
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लेकर लतिका दीक्षित ने कहा कि उन्हें खुशी है कि दिल्ली को एक महिला मुख्यमंत्री मिली है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि एक समय देश में कई महिला मुख्यमंत्री थीं. लेकिन आज महिलाओं की बात राजनीतिक भागीदारी अपेक्षाकृत कम दिखाई देती है.
लतिका दीक्षित के बयान ऐसे समय में आए हैं जब दिल्ली कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में लगी है. राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज हो सकती है कि क्या कांग्रेस आगामी चुनावों में महिला बनाम महिला की रणनीति के तहत लतिका दीक्षित को बड़ी भूमिका देने की तैयारी कर रही है. फिलहाल, उनका संदेश साफ है कि वह राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं और मौका मिलने पर चुनावी मैदान में उतरने से पीछे नहीं हटेंगी.


























