दिल्ली में स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ कथित सामूहिक बलात्कार की घटना पर भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी और उपराज्यपाल रहीं किरण बेदी ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि लड़कियों के साथ बलात्कार के मामले फिर से बढ़ रहे हैं, चाहे पीड़िता 16 साल की हो या स्कूल जाने वाली 3 साल की बच्ची.
किरण बेदी ने कहा कि ऐसे मामलों में परिवहन क्षेत्र एक प्रमुख कारक है. स्कूल बस, स्कूल वैन और सार्वजनिक परिवहन के ड्राइवर-कंडक्टर बार-बार जांच के दायरे में आते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि स्कूल वैन के ड्राइवर को नियुक्त करने से पहले अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन क्यों नहीं कराया जाता. उन्होंने कहा कि लगभग हर मामले में आरोपी का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड सामने आता है, इसलिए पुलिस रिकॉर्ड की जांच पूरी होने तक किसी ड्राइवर की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए.
पूर्व उपराज्यपाल ने कहा कि दूसरा अहम पहलू कानून का सख्त प्रवर्तन है. यदि कोई बस सीसीटीवी में संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई देती है या उसके पर्दे खुले हुए हैं, तो उसे तुरंत रोककर जांच की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि सजा और जमानत की शर्तें सख्त होनी चाहिए. यदि कोई आरोपी जमानत पर रहते हुए दोबारा अपराध करता है या उसके खिलाफ कोई प्रतिकूल जानकारी सामने आती है, तो उसकी जमानत तुरंत रद्द की जानी चाहिए.
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में एक स्लीपर बस के अंदर 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया, जिसके बाद पुलिस ने चालक और परिचालक को गिरफ्तार कर लिया. पीड़िता ने भारी बारिश के दौरान उनसे मदद मांगी थी. पुलिस ने सूत्रों ने यह जानकारी दी. घटना चार अगस्त की रात की है जब उत्तर प्रदेश में मैनपुरी जिले के रहने वाली पीड़िता नोएडा में अपने रिश्तेदार से मिलने जा रही थी.
सूत्रों के मुताबिक, तीन अगस्त को उसकी मां ने उसे डांटा था जिससे नाराज होकर चार अगस्त को लड़की ने अपना घर छोड़ दिया था. वह नोएडा सेक्टर 63 के लिए बस में चढ़ी, जहां उसका करीबी रिश्तेदार रहता है. लड़की ने पुलिस को बताया कि नोएडा में भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह गलती से परी चौक पर उतर गई और जल्द ही उसे एहसास हुआ कि वह गलत जगह पर उतर गई है. पीड़िता ने यह भी बताया कि तभी उसने एक बस को आते देखा और मदद के लिए उसे इशारा किया. उसके मुताबिक, बस रुकी, लेकिन अंदर कोई यात्री नहीं था.
