PM का काफिला कम होने पर कपिल सिब्बल का बड़ा बयान, 'प्रधानमंत्री की सिक्योरिटी पूरी...'
Kapil Sibal News: राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री और मंत्रियों की सुरक्षा होनी चाहिए. अगर कम रहे हैं तो इसका मतलब है कि पहले जरूरत नहीं थी.

राज्यसभा सांसद और सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने पेट्रोल-डीजल, सीएनजी और दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार को घेरा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बड़े वर्षों के बाद आज अच्छे दिन आ गए. हमारा रुपया पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल से पहले 58 होता था, अब डॉलर के मुकाबले 95 तक पहुंच गया है. 3 रुपये पेट्रोल के दाम भी बढ़ गए हैं. डीजल और दूध के दाम भी बढ़ गए. सीएनजी की भी कीमत बढ़ गई.
चुनाव के समय ताम-झाम क्यों चल रहा था- सिब्बल
राज्यसभा सांसद ने कहा, "मुझे प्रधानमंत्री से ये सवाल पूछना है कि 12 साल हो गए इंतजार करते हुए, ये अच्छे दिन आप ला रहे थे? 28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था. अब हम मई में आ चुके हैं. होर्मुज से कोई तेल आ नहीं रहा. तेल की किल्लत है. हमारे पास स्टॉक नहीं है. सभी जानते हैं कि इसकी वजह से बड़ी मुश्किल आर्थिक स्थिति आएगी. आर्थिक स्थिति में गिरावट आएगी. प्रधानमंत्री और सभी लोग ये जानते थे तो फिर चुनाव के समय ये ताम-झाम क्यों चल रहा था? तब तो प्रधानमंत्री ने बात नहीं की.''
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प्रधानमंत्री की सिक्योरिटी पूरी तरह से होनी चाहिए- सिब्बल
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने हमला बोलते हुए आगे कहा, ''जब चुनाव खत्म हो गए और नतीजे आ गए तब प्रधानमंत्री ने कटौती की बात कही. अगर आपने दो गाड़ियां कम भी कर लीं तो इसका मतलब है कि आपको पहले उसकी जरूरत नहीं थी. खासकर प्रधानमंत्री की सिक्योरिटी पूरी तरह से होनी चाहिए. हमारे प्रधानमंत्री हैं. कोई संकट में उनको नहीं होना चाहिए. बाकी मंत्रियों के भी सिक्योरिटी की बात है. अगर कम कर रहे हैं तो इसका मतलब पहले जरूरत नहीं थी. दुख ही बात है कि इस देश के भविष्य के प्रति बयान तो दे सकते हैं लेकिन कभी सोचते नहीं.''
RSS नेता दत्तात्रेय होसबोले के बयान पर क्या बोले सिब्बल?
आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबोले के बयान पर कपिल सिब्बल ने कहा, "वो चाहते हैं कि हिंदुस्तान पाकिस्तान से बातचीत जारी रखे. अच्छी बात है. अगर मैंने ये कहा होता तो मैं एंट्री नेशनल, प्रो-पाकिस्तान हो जाता. किसी और ने कहा होता तो ये कहते कि तुम पाकिस्तान क्यों नहीं चले जाते. होसबोले साहब बोल दें तो फिर वो सही है. क्योंकि होसबोले साहब के इशारों पर तो सरकार चलती है न? RSS में वो नंबर दो की पोजिशन पर हैं. अब तो हम भी कह सकते हैं कि बातचीत होनी चाहिए. हमें भी छूट मिल गई."


























