उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज होने के बाद जेएनयू में विवादित नारेबाजी के बाद बवाल मचा हुआ है. वहीं अब इस पर उमर खालिद के पिता का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि जांच करिए और अगर नारे गलत है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

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उमर खालिद के पिता ने कहा, "यह नारेबाजी जांच का विषय है, कई बार प्रोटेस्ट में कुछ लोग आ जाते हैं जो उल्टे सीधे नारे लगाते हैं और उनका मकसद होता है कि सही में विरोध करने वालों पर इसे लाद दिया जाए. जेएनयू में जो भी प्रोटेस्ट होता है वह संवैधानिक अधिकारों के अंतर्गत ही होता है उससे बाहर नहीं जाता."

'अभिव्यक्ति की आजादी खत्म'

उन्होंने कहा, "अब राजनीतिक पार्टियों को भी देखना होगा कि अगर वह कोई धरना या जुलूस निकालते हैं. वह भी इस फैसले के तहत गलत होगा. इस फैसले ने लोकतंत्र के ऊपर बहुत बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. अभिव्यक्ति की आजादी इस फैसले से खत्म हो गई है."

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'जांच की जाए'

कासिम इलियास ने कहा,"जेएनयू प्रशासन का एक्शन लेना यह साबित नहीं करता है कि जिन्होंने विरोध प्रदर्शन ऑर्गेनाइज किया था उन्होंने ही नारे लगाए हैं. आप इसमें जांच करिए और अगर नारे गलत है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. ऐसी कोई नारे नहीं लगने चाहिए जो संविधान के अधिकारों के अंदर नहीं आते."

उन्होंने बताया कि उमर खालिद ने दो बातें कही है, मुझे खुशी है की मेरे पांच साथियों को बेल मिल गई है, और अपने बारे में कहा है कि अब तो मेरी जिंदगी यही है और मुझे लंबे अरसे तक जेल में ही रहना होगा.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2020 के दिल्ली दंगा साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत खारिज किए जाने के बाद जेएनयू में कुछ छात्रों ने यूनिवर्सिटी के कैंपस के अंदर विवादास्पद नारेबाजी की जिसके बाद इस पर बवाल मचा हुआ है.