झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, "मैं उनकी मांगों का समर्थन करता हूं, सिवाय एक बात के. हालांकि, बीजेपी को इसका इस्तेमाल झारखंड सरकार को बदनाम करने के लिए नहीं करना चाहिए. कुछ उम्मीदवारों ने CBI जांच की मांग की है, लेकिन CBI जांच का मतलब है कि सच सामने नहीं आएगा और सिर्फ़ झूठ ही सामने आएगा. CBI केंद्र सरकार के अधीन है, इसलिए उससे निष्पक्षता की उम्मीद नहीं की जा सकती."

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उदित राज का यह बयान तब आया है जब झारखंड सरकार ने ज्यादातर मांगे मान ली हैं सिवाय सीबीआई जांच की मांग के. बीते 23 दिन से रांची में छात्रों का आंदोलन चल रहा है. जिसको लेकर झारखंड की सियासत गर्म है.

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सभी जिलों में फूंका सरकार का पुतला 

शनिवार को छात्रों ने ऐलान किया था कि सरकार ने अगर मांगें नहीं मानी तो रविवार को सभी जिलों में सरकार का पुतला फूंकेंगे. जिसके तहत राजधानी रांची समेत सभी 24 जिलों में सरकार के पुतले फूंके गए. यही नहीं छात्रों चेतावनी भी दी है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो वे 20 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे. छात्र संगठनों ने मांग की है कि अगर सरकार मांगे पूरी नहीं कर सकती हो सीएम हेमंत सोरेन अपना इस्तीफा दें.

JPSC और JSSC में धांधली के आरोप 

छात्रों का आरोप है कि JPSC और JSSC भर्ती परीक्षा में जमकर धांधली हुई है, इसी मुद्दे पर छात्र बीते 23 दिनों से रांची में आंदोलन कर रहे हैं. जिसमें उनकी प्रमुख मांग है-14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और JSSC-CGL समेत सभी विवादित परिक्शायं रद्द की जाएं इसके साथ ही पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए. वहीं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और  सुधार की मांग है.

सरकार का दावा 98 फीसदी मांगें पूरी 

सरकार का दावा है कि छात्रों की 98 फीसदी मांगों को मान लिया गया है. जिसमें 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा व बैकलॉग भर्ती परीक्षा रद्द कर दी गयी है. ईडी की जाँच के भी आदेश दिए गए हैं.  सुधार समिति के गठन के साथ ही कुछ अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो चुकी है. जबकि मामला सीबीआई जांच और JSSC-CGL रद्द करने पर अटका हुआ है.

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