दिल्ली: जनकपुरी में खुले गड्ढे ने ली युवक की जान, मृतक के भाई ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
Janakpuri News: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक युवक की गड्ढे में गिरने से मौत हो चुकी है. इस बीच उसके भाई ने पुलिस, दिल्ली जल बोर्ड और पूरी सरकार पर तीखे इल्जाम लगाए.

दिल्ली की सड़कों पर खुला गड्ढा अब जान ले रहा है. जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड के इसी गड्ढे में बाइक सवार कमल के गिरने से मौत हो गई. अब उसके जुड़वां भाई करण ने एबीपी न्यूज से खुलकर गुस्सा जाहिर किया.
पुलिस, दिल्ली जल बोर्ड और पूरी सरकार पर तीखे इल्जाम लगाए. सबसे ज्यादा दर्द इस बात का है कि इतने बड़े हादसे के बाद भी सरकार की तरफ से अब तक एक भी मंत्री, विधायक या अधिकारी परिवार से मिलने नहीं पहुंचा.
घटना पर भाई ने दी यह जानकारी
घटना के बारे में बताते हुए करण ने कहा कि उन्हें सुबह 7:30 बजे पता चला कि उनके भाई की गड्ढे में गिरकर मौत हो चुकी है. पुलिस ने मुझे कुछ भी नहीं बताया, जबकि मैंने छह थानों में लिखित शिकायत दी थी कि कोई अपडेट मिले तो मुझे सूचित करें. मुझे सुनने में आया कि पुलिस को सुबह 5 बजे ही सब पता चल गया था, लेकिन मैं 7:30 तक सड़कों पर भाई को ढूंढता रहा.
करण की आवाज में गुस्सा और दर्द साफ झलक रहा था. उन्होंने आगे कहा, "जब मैंने भाई के फोन पर कॉल किया, तो कोई और उठाया. वह पुलिस अधिकारी की आवाज लग रही थी. उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर आ जाओ. मुझे लगा शायद भाई ठीक है, लेकिन बात करने लायक नहीं, इसलिए अधिकारी बोल रहा होगा."
घटनास्थल पर जाकर चौंका मृतक का भाई
करण ने बताया कि साइट पर पहुंचने पर जो नजारा देखा, वो दिल दहला देने वाला था. वहां एक सफेद बैग में शव रखा था, बाहर हेलमेट और बैग पड़े थे, और बाइक गड्ढे में गिरी हुई. तब जाकर पता चला कि मेरा भाई अब नहीं रहा.
उन्होंने आरोप लगाया कि ये सब पुलिस और दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही की वजह से हुआ. करण ने आरोप लगाया कि गड्ढा इतना गहरा था कि किसी की जान लेने के लिए काफी था, लेकिन अब प्रशासन ने उसमें मिट्टी डालकर घटनास्थल से छेड़छाड़ कर दी है.
करण ने दिल्ली के डीसीपी से की बात
करण ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी से भी बात होने का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि केवल डीसीपी से कल बात हुई थी, उन्होंने थोड़ा आश्वासन दिया कि मदद करेंगे. लेकिन अब रिकॉर्डिंग दिखाने को कह रहा हूं, लेकिन 24 घंटे से ज्यादा हो गए कुछ नहीं मिला.
करण ने कहा कि कम से कम पता तो चले किसकी गलती है. कोई अधिकारी नहीं आ रहा, सिर्फ मीडिया है जो मदद कर रही है. उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस वाले कॉल करके कह रहे हैं कि दोस्तों को बयान न देने को बोलो. जनकपुरी विधायक और मंत्री आशीष सूद शुक्रवार (6 फरवरी) घटनास्थल पर आए थे, सिर्फ हाथ जोड़कर चले गए. उनको कोई मतलब नहीं है.
मंत्री आशीष सूद पर लगाए झूठ बोलने के आरोप
परिवार की मुलाकात पर करण ने साफ कहा कि आशीष सूद झूठ बोल रहे हैं. शुक्रवार को 1 बजे के आसपास हम बॉडी लेकर निकले, सीधे श्मशान घाट गए. शाम को लौटे, लेकिन कोई नहीं मिला. न मंत्री, न विधायक, न कोई लोकल एमएलए. सब नाटक कर रहे हैं, सिर्फ मीडिया आई है. करण की मांग साफ है. उन्होंने कहा कि उनके भाई को न्याय मिले, और दोषियों को कड़ी सजा. जो दोषी है, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

























