'रमजान में साथ दिखे लड़का-लड़की तो निकाह करा देंगे', पुलिस के पास पहुंचा जामिया प्रशासन
Jamia University: जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने सोशल मीडिया पर वायरल एक फर्जी पोस्ट का खंडन किया है, जिसमें रमजान में साथ दिखने वाले लड़के-लड़कियों के निकाह कराने की बात कही गई थी.

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने मंगलवार, 24 फरवरी को एक नोटिफिकेशन जारी कर सोशल मीडिया पर वायरल उस पोस्ट का खंडन किया है, जिसमें लड़के-लड़कियों के निकाह की बात कही गई थी. यूनिवर्सिटी का दावा है कि वह वायरल पोस्ट पूरी तरह से 'फर्जी' है और यूनिवर्सिटी का उसमें कोई हाथ नहीं.
दरअसल, जामिया की ओर से एक पोस्ट वायरल कर दावा किया गया था कि रमजान के पाक महीने में जो भी लड़के-लड़की साथ देखे गए, विश्वविद्यालय उनके 'निकाह' की व्यवस्था करेगा.
20 फरवरी को जारी हुआ था फर्जी नोटिफिकेशन
जामिया मिलिया इस्लामिया ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि 20 फरवरी की कथित सूचना 'पूरी तरह से फर्जी' है और विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है.
आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रशासन ने छात्रों और कर्मचारियों से संदेश को गंभीरता से न लेने का आग्रह किया है, क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि इसका उद्देश्य संस्थान की छवि को धूमिल करना है. विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि फर्जी नोटिस के प्रसार के संबंध में दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है.
बुरी तरह से फैल गया था फर्जी नोटिस
यह पोस्ट किसने वायरल किया है, इसकी जानकारी तो अब तक सामने नहीं आ सकी है लेकिन कुछ ही समय में पोस्ट व्हॉट्सएप और एक्स पर आग की तरह फैल गया. कुछ स्टूडेंट्स और सोशल मीडिया यूजर्स ने तो इसे असली भी मान लिया था और यूनिवर्सिटी की आलोचना शुरू कर दी थी. दूसरी ओर कुछ लोग विश्वविद्यालय के मजे लेने में लग गए. हालांकि, प्रशासन का बयान सामने आते ही मामला पलट गया और मालूम चला कि यह नोटिस फर्जी है.
मैनेजमेंट का मानना है कि यूनिवर्सिटी की छवि खराब करने के लिए यह किसी की साजिश हो सकती है. पुलिस में अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है. अब साइबर पुलिस मुख्य पोस्ट को खोजकर उसका आईपी एड्रेस ढूंढने की कोशिश में लगी है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























