देशभर में संसाधनों के जिम्मेदार इस्तेमाल पर बढ़ते जोर के बीच दिल्ली पुलिस ने अपने कामकाज के तरीके में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद पुलिस विभाग ने ईंधन और बिजली की खपत घटाने के लिए कई नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं. नई व्यवस्था के तहत सरकारी वाहनों के इस्तेमाल को सीमित करने, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और डिजिटल माध्यम से कामकाज बढ़ाने पर फोकस किया गया है.
बिना जरूरत सड़क पर नहीं उतरेंगी सरकारी गाड़ियां
दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में सभी जिलों और यूनिट्स को साफ संदेश दिया गया है कि सरकारी वाहनों का इस्तेमाल अब केवल जरूरी कार्यों तक सीमित रखा जाए. विभागीय बाइक और अन्य वाहनों की अनावश्यक मूवमेंट पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि जहां संभव हो, वहां साझा वाहन व्यवस्था अपनाई जाए ताकि ईंधन की बचत हो सके.
मेट्रो और बस यात्रा को मिलेगा बढ़ावा
ऐसे कर्मचारी और अधिकारी जिनके कार्यालय तक मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध है, उन्हें निजी या सरकारी वाहन की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. इसके अलावा यदि किसी एक थाने या यूनिट के कर्मचारी एक ही जगह जा रहे हों तो अलग-अलग वाहनों के बजाय एक साथ यात्रा करने को प्राथमिकता देने को कहा गया है.
ऑनलाइन मीटिंग्स से घटेगा वाहन खर्च
दिल्ली पुलिस अब बैठकों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिक इस्तेमाल करेगी. निर्देशों के अनुसार, ज्यादातर मीटिंग्स वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएंगी ताकि वाहनों की आवाजाही कम हो और समय के साथ ईंधन की भी बचत हो सके. वहीं वीआईपी ड्यूटी के दौरान भी केवल आवश्यक वाहनों को ही तैनात करने पर जोर दिया गया है. हालांकि सुरक्षा प्रोटोकॉल में किसी तरह की कटौती नहीं की जाएगी.
गाड़ियों की फिटनेस और बिजली बचत पर फोकस
नई व्यवस्था में सरकारी वाहनों की तकनीकी स्थिति बेहतर बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है. नियमित सर्विसिंग, सही टायर प्रेशर और इंजन की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ईंधन की खपत कम हो. साथ ही दफ्तरों में बिजली बचाने के लिए गैर जरूरी लाइट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद रखने को कहा गया है. एयर कंडीशनर का तापमान भी सीमित दायरे में रखने की सलाह दी गई है.
स्वदेशी सामान के इस्तेमाल पर भी जोर
दिल्ली पुलिस ने अधिकारियों और कर्मचारियों से सरकारी खरीद के साथ निजी उपयोग में भी भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की है. विभाग का मानना है कि इससे न सिर्फ आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा. सभी यूनिट प्रभारी और वरिष्ठ अधिकारियों को इन निर्देशों के पालन की निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं.
