नवंबर का महीना शुरू हो गया है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या इस बार ठंड जल्दी दस्तक देगी या फिर दिन में गर्मी का असर बना रहेगा? बारिश कितनी होगी और पहाड़ी इलाकों में मौसम कैसा रहेगा? भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने नवंबर 2026 के लिए बारिश और तापमान का अनुमान जारी कर दिया है. इसके मुताबिक, देश के ज्यादातर हिस्सों में नवंबर के दौरान बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है. वहीं, अधिकतर इलाकों में दिन और रात का तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है.
हालांकि, हिमालय की तलहटी से लगे कुछ इलाकों में दिन का तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने का अनुमान है. वहीं, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में रात का तापमान भी सामान्य या उससे नीचे रह सकता है.
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नवंबर में कहां कितनी बारिश होने का अनुमान?
IMD के मुताबिक, नवंबर में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है. हालांकि, मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों में बारिश सामान्य या सामान्य से ज्यादा रहने का अनुमान है.
दक्षिण भारत के लिए भी बारिश का अनुमान खास है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, केरल और माहे के साथ दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. इन इलाकों में बारिश लंबी अवधि के औसत के 77 फीसदी से भी कम रह सकती है.
दिल्ली-NCR में कैसी रहेगी ठंड?
दिल्ली-NCR के लिए इस रिपोर्ट में नवंबर के तापमान का अलग से कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि राजधानी में किस तारीख से ठंड बढ़ेगी या न्यूनतम तापमान कितना रहेगा. IMD के देशभर के अनुमान के मुताबिक, नवंबर में ज्यादातर इलाकों में दिन और रात का तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है. हालांकि, यह राष्ट्रीय स्तर का अनुमान है। दिल्ली-NCR में मौसम का रोजाना हाल जानने के लिए विभाग के स्थानीय और दैनिक पूर्वानुमान पर नजर रखनी होगी.
पहाड़ी इलाकों में कैसा रहेगा मौसम?
पहाड़ी इलाकों को लेकर IMD ने बताया है कि हिमालय की तलहटी से लगे कुछ क्षेत्रों में दिन का तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है. इसका मतलब है कि इन इलाकों में दिन के समय तापमान देश के कई दूसरे हिस्सों के मुकाबले कम रह सकता है.
हालांकि, रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के लिए अलग-अलग तापमान का आंकड़ा नहीं दिया गया है. साथ ही, इस अनुमान में बर्फबारी को लेकर भी कोई अलग पूर्वानुमान नहीं है.
अक्टूबर में गर्मी ने तोड़ा रिकॉर्ड, बारिश भी कम हुई
नवंबर का अनुमान जारी करने के साथ IMD ने अक्टूबर के मौसम का आंकड़ा भी साझा किया है. इसके मुताबिक, अक्टूबर 2026 में देश का औसत अधिकतम तापमान 32.43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह साल 1901 के बाद अक्टूबर महीने का सबसे ज्यादा औसत अधिकतम तापमान है.
वहीं, औसत न्यूनतम तापमान 20.83 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1901 के बाद पांचवां सबसे ज्यादा है. देश का औसत तापमान 26.63 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो रिकॉर्ड में तीसरा सबसे ज्यादा है.
बारिश के मामले में भी अक्टूबर कई इलाकों के लिए कमजोर रहा. पूरे देश में इस महीने 51.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. यह 2001 के बाद छठी सबसे कम और 1901 के बाद 25वीं सबसे कम बारिश है.
मध्य भारत में 30.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 2001 के बाद आठवीं और 1901 के बाद 35वीं सबसे कम बारिश है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 59.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 2001 के बाद पांचवीं और 1901 के बाद 15वीं सबसे कम है.
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अक्टूबर के दौरान 122.2 मिलीमीटर बारिश हुई. यह 2001 के बाद छठी सबसे कम बारिश है. वहीं, पूर्वोत्तर मानसून वाले मुख्य क्षेत्र में 166.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 2001 के बाद नौवीं सबसे कम है.
बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम, चक्रवाती तूफान बनने का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर 29 अक्टूबर को कम दबाव का क्षेत्र बना था. 31 अक्टूबर की सुबह यह और मजबूत हो गया. इसके बाद उसी दिन दोपहर तक यह डिप्रेशन में बदल गया. मौसम की भाषा में डिप्रेशन का मतलब है कि समुद्र के ऊपर बना यह सिस्टम और ताकतवर हो गया .
IMD के अनुमान के मुताबिक, इसके 31 अक्टूबर की आधी रात तक और मजबूत होने और 1 नवंबर की दोपहर तक चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना है. इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने का अनुमान है.
आंध्र प्रदेश के तट पर 2 नवंबर की शाम से 3 नवंबर की सुबह तक 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. हवा के झोंकों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. वहीं, उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में 2 नवंबर की सुबह से 3 नवंबर की सुबह तक 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. यहां हवा के झोंके 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं.
मौसम विभाग ने समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए अलग-अलग समुद्री इलाकों के मछुआरों के लिए 1 से 4 नवंबर तक चेतावनी जारी की है. मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित चेतावनी वाले समुद्री क्षेत्रों में न जाएं.
अल नीनो का भी दिख सकता है असर
IMD के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर 2026 के दौरान प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बहुत मजबूत होने की संभावना है. आसान भाषा में समझें तो अल नीनो के दौरान प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों का समुद्री पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. इसका असर दुनिया के मौसम पर पड़ सकता है और भारत में मानसून के मिजाज को भी प्रभावित कर सकता है.
हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि देश के हर हिस्से में बारिश कम ही होगी। मौसम पर कई दूसरे कारकों का भी असर पड़ता है. IMD ने हिंद महासागर में IOD की स्थिति के इस मौसम में सामान्य बने रहने की संभावना जताई है.
कुल मिलाकर, मौसम विभाग के नवंबर के अनुमान में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश और सामान्य से ज्यादा तापमान रहने की संभावना जताई गई है.
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