दिल्ली HC से SDPI अध्यक्ष एमके फैजी को मिली राहत, मनी लॉन्ड्रिंग केस में दी जमानत
Delhi High Court News: ईडी ने फैजी को मार्च 2025 में नई दिल्ली के IGI से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी PMLA के तहत की गई थी. अब उन्हें हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मोहिद्दीन कुट्टी उर्फ एमके फैजी को मनी लॉन्ड्रिंग बड़ी राहत दी है. इस मामले में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है. यह मामला ईडी द्वारा दर्ज किया गया था. ईडी का आरोप है कि एसडीपीआई, प्रतिबंधित संगठन पीएफआई की राजनीतिक शाखा की तरह काम करती है और फंडिंग व गतिविधियों के लिए उसी पर निर्भर रहती है. जांच एजेंसी के मुताबिक करोड़ों रुपये की अवैध रकम गुप्त तरीकों से पीएफआई से एसडीपीआई तक पहुंचाई गई.
साल 2025 में IGI एयरपोर्ट से किया गया गिरफ्तार
ईडी ने फैजी को मार्च 2025 में नई दिल्ली के IGI से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी PMLA के तहत की गई थी. जांच एजेंसी के मुताबिक फैजी कई बार समन भेजे जाने के बावजूद पूछताछ में शामिल नहीं हुए, जिसके बाद उनके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया गया.
सुनवाई के दौरान फैजी की ओर से वरिष्ठ वकील सिदार्थ अग्रवाल और उनकी टीम ने दलीलें पेश कीं. कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया. जिसमें उन्हें राहत देते हुए अदालत ने उनकी बेल अर्जी मंजूर कर ली है.
'जांच में सहयोग के लिए तैयार है एम के फैजी'
बचाव पक्ष ने सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल जांच में सहयोग करने को तैयार हैं और उन्हें अनावश्यक रूप से हिरासत में रखा गया. वहीं ईडी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर है और जांच अभी जारी है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने शर्तों के साथ फैजी को जमानत दे दी.
ईडी ने एम के फैजी पर लगाए ये आरोप
ईडी द्वारा एम के फैजी पर आरोप है कि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया को पीएफआई द्वारा फंड ट्रांसफर किया था. इसके बाद उन्हें मार्च 2025 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. ट्रायल कोर्ट द्वारा उस समय फैजी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था.
ट्रायल कोर्ट के इस फैसले को एम के फैजी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. कोर्ट ने सोमवार (16 फरवरी) को मामले की सुनवाई करते हुए इस केस में उन्हें जमानत दे दी है. इस फैसले के बाद एम के फैजी के जेल से बाहर आने की उम्मीद लगाई जा रही है.
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Source: IOCL
























