दिल्ली से गुरुग्राम आने वाले हजारों वाहन चालकों के लिए सिरहौल बॉर्डर से साइबर सिटी तक का सफर जल्द आसान हो सकता है. इस व्यस्त कॉरिडोर पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने मंजूरी दे दी है. इससे पहले NHAI से भी सहमति मिल चुकी है. अब इस परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू होगी.

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सिरहौल बॉर्डर से शंकर चौक के आसपास तक का हिस्सा लंबाई में करीब 700 मीटर है, लेकिन व्यस्त समय में यही छोटा सा रास्ता वाहन चालकों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है. सुबह और शाम पीक आवर में वाहनों की रफ्तार इतनी कम हो जाती है कि इस दूरी को तय करने में आधे घंटे से अधिक समय लग जाता है.

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 जाम का असर एक्सप्रेसवे तक 

इस हिस्से में वाहनों का दबाव बढ़ने पर समस्या केवल शंकर चौक तक सीमित नहीं रहती. वाहनों की कतार दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और आसपास के मार्गों तक फैल जाती है. ऐसे में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड से मौजूदा सड़क पर दबाव कम करने की कोशिश की जाएगी और प्रमुख यातायात को अलग स्तर से निकालने की व्यवस्था होगी.

रोजाना हजारों कर्मचारियों के लिए अहम कनेक्टिविटी

गुरुग्राम के साइबर सिटी और उद्योग विहार में बड़ी संख्या में कंपनियां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं. यहां काम करने वाले कर्मचारी दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और एनसीआर के दूसरे इलाकों से रोज आते-जाते हैं. सुबह इन कर्मचारियों की आवाजाही बढ़ते ही सिरहौल बॉर्डर और शंकर चौक के बीच यातायात का दबाव तेजी से बढ़ जाता है.

सुबह-शाम रहता है जाम

इस मार्ग पर ट्रैफिक की समस्या केवल सुबह तक सीमित नहीं है. शाम को कार्यालयों से एक साथ कर्मचारियों के निकलने के बाद वाहनों की संख्या दोबारा बढ़ जाती है. इसके अलावा सिरहौल बॉर्डर के पास मौजूद एंबियंस मॉल और शंकर चौक के आसपास साइबर हब तथा उद्योग विहार होने से दिनभर इस कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है.

जाम कम होने से कारोबार को भी मिल सकता है फायदा

लगातार ट्रैफिक दबाव का असर केवल आने-जाने वालों पर नहीं पड़ रहा है. जानकारों के अनुसार, साइबर सिटी और उद्योग विहार जैसे कारोबारी इलाकों में आने वाले लोगों के लिए यातायात की परेशानी एक बड़ी चुनौती बन चुकी है. इसी वजह से कई कारोबारी गुरुग्राम के बजाय दिल्ली में निवेशकों के साथ बैठक करना पसंद करने लगे हैं. यातायात व्यवस्था बेहतर होने से इन इलाकों में कारोबारी गतिविधियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.

DLF के प्रस्ताव पर आगे बढ़ी योजना

एलिवेटेड रोड की योजना रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ की ओर से सामने रखी गई थी. कंपनी की ओर से परियोजना का प्रेजेंटेशन NHAI और GMDA के अधिकारियों के सामने किया जा चुका है. अब GMDA की मंजूरी मिलने के बाद योजना को अगले चरण में ले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी.

निर्माण शुरू होने से पहले तय होगी ट्रैफिक व्यवस्था

परियोजना को मंजूरी मिलना शुरुआती चरण है. आगे तकनीकी व्यवहार्यता, वित्तीय पहलुओं और निर्माण में लगने वाले समय सहित कई बिंदुओं पर काम किया जाएगा. निर्माण के दौरान मौजूदा मार्ग पर यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए डायवर्जन और वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था भी तैयार करनी होगी. अधिकारियों के सामने यह सबसे अहम चुनौतियों में से एक होगी.

GMDA के चीफ इंजीनियर (रोड) प्रवीण चौधरी ने बताया कि डीएलएफ की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव पर प्राधिकरण ने सहमति दे दी है. उनके अनुसार, परियोजना से संबंधित पूरा काम डीएलएफ को करना है. उन्होंने कहा कि सिरहौल बॉर्डर से साइबर सिटी के बीच यातायात का दबाव काफी ज्यादा है. एलिवेटेड रोड बनने के बाद वाहनों की आवाजाही बेहतर होने और जाम से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.

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