सत्य निकेतन हादसे पर अभिजीत दीपके के दावे को केंद्र सरकार ने बताया गलत, किया फैक्टचेक
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत के हादसे पर कई गलत दावे भी किए जा रहे हैं. ऐसे ही कुछ दावों को केंद्र सरकार ने खारिज किया है.

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी के तौर पर इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत ढहने से तीन लोगों की मौत के बाद रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश में शैक्षणिक बुनियादी ढांचे की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना की.
अब उनकी पोस्ट का सरकार ने फैक्ट चेक किया है. पत्र सूचना कार्यालय की फैक्ट चेक विंग ने एक पोस्ट में कहा कि - सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में एक हॉस्टल की बिल्डिंग गिर गई है . पीआईबी ने कहा कि यह दावा गुमराह करने वाला है .
पीआईबी ने कहा कि जो बिल्डिंग गिरी, वह दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में स्थित एक प्राइवेट पेइंग गेस्ट (PG) अकोमोडेशन थी . गिरी हुई बिल्डिंग दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस का हॉस्टल नहीं थी . ऐसे दावों पर भरोसा करने या उन्हें शेयर करने से पहले हमेशा भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोतों से उनकी पुष्टि करें .
Several social media posts are claiming that a hostel building in Delhi University’s South Campus has collapsed.#PIBFactCheck
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) September 6, 2026
❌ This claim is #Misleading.
✅ The building that collapsed was a private paying guest (PG) accommodation in Satya Niketan, South-West Delhi, located… pic.twitter.com/UAkwGmGVuz
अभिजीत दीपके ने क्या लिखा था?
बता दें दीपके ने ‘एक्स’ पर कहा कि मोदी ने एक दिन पहले दिल्ली विश्वविद्यालय का दौरा किया था और राजनीतिक भाषण दिया था तथा ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया था, लेकिन देश के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे की स्थिति के बारे में बहुत कम बात की. उन्होंने कहा, 'आज डीयू के दक्षिणी परिसर के नजदीक छात्रावास की एक इमारत ढह गई और आशंका है कि कई छात्र मलबे के नीचे फंसे हैं.' दीपके ने सवाल किया कि खराब बुनियादी ढांचे की कीमत आखिर छात्रों को कब तक चुकानी पड़ेगी.
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उन्होंने कहा, 'देखभाल और सहायता के अभाव में आदिवासी क्षेत्रों में आदिवासी छात्रों की मौत हो रही है और राष्ट्रीय राजधानी में पढ़ने वाले छात्र भी सुरक्षित नहीं हैं.' उन्होंने छात्रों के लिए सुरक्षित कक्षाओं, सुरक्षित छात्रावासों और बुनियादी सुविधाओं की मांग की. दीपके ने सवाल किया, 'क्या यह मांग वाकई इतनी ज्यादा है?' उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री फिर से दिल्ली विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे और बताएंगे कि यह इमारत कैसे ढही?





















