अरविंद केजरीवाल-मनीष सिसोदिया ने HC के चीफ जस्टिस को लिखी चिट्ठी, कर दी ये बड़ी मांग
Delhi Excise Policy: आबकारी नीति मामले की सुनवाई को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच से हटाने की मांग की गई है. चिट्ठी में पक्षपात के आरोपों से जुड़े सबूत पेश करने का दावा किया गया.

- केजरीवाल-सिसोदिया सहित नेताओं ने HC चीफ जस्टिस को लिखी चिट्ठी
- आबकारी मामले की सुनवाई जस्टिस शर्मा की बेंच से हटाने की मांग
- पत्र में जस्टिस शर्मा के खिलाफ पक्षपात के सबूत पेश करने का दावा
- 27 फरवरी को राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपियों को किया था बरी
दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत कई नेताओं ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखी है. आबकारी मामले की सुनवाई को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा (Justice Swarana Kanta Sharma) की बेंच से हटाने की मांग की गई है. नेताओं ने मामले को किसी निष्पक्ष (इम्पार्शियल) बेंच को ट्रांसफर करने की अपील की है.
पत्र में जस्टिस स्वर्णाकांता शर्मा के खिलाफ पक्षपात के आरोपों से जुड़े सबूत पेश करने का दावा किया गया है. चिट्ठी में कहा गया है कि एक्साइज केस में उनके कई आदेशों को सुप्रीम कोर्ट पहले ही पलट चुका है. नेताओं का कहना है कि केस को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने से न्याय प्रक्रिया की निष्पक्षता बनी रहेगी और लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा.
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9 मार्च को केजरीवाल को जारी हुआ नोटिस
बता दें कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को हाल ही में सीबीआई अदालत ने आबकारी नीति मामले में आरोपमुक्त किया था. सोमवार (9 मार्च) को, सीबीआई द्वारा निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल और अन्य आरोपियों से इस मामले में उनका रुख पूछा.
16 मार्च को होनी है अलगी सुनवाई
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया और सीबीआई की याचिका पर सुनवाई की तारीख 16 मार्च तय की. जस्टिस ने मामले से जुड़े सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ निचली अदालत द्वारा की गई टिप्पणियों पर भी रोक लगा दी.
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राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति मामले में 23 अन्य लोगों के साथ बरी कर दिया था. केजरीवाल और सिसोदिया को महीनों जेल में रहने के बाद बरी कर दिया गया था. कोर्ट से बरी होने पर आम आदमी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था. अरविंद केजरीवाल का आरोप था कि दिल्ली में सरकार बनाने के लिए भाजपा ने उनके खिलाफ साजिश रची थी. सीबीआई ने राऊज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी.
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Source: IOCL



























