राजधानी दिल्ली में गुरुवार (4 सितंबर) की रात लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए गए. सोशल मीडिया पर लोगों ने भूकंप के झटके महसूस करने का दावा किया. एक यूजर ने लिखा कि 'लग रहा दिल्ली वालों का टाइम सही नहीं चल रहा है, लगातार बारिश के बाद भूकंप.' एक यूजर ने लिखा कि 'ये दुनिया में कहीं भी भूकंप आता है तो दिल्ली-एनसीआर क्यों हिल जाता है.'

एक और यूजर ने लिखा कि 'भयंकर बारिश, बाढ़ और अब दिल्ली में भूकंप.'

एक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भूकंप की तीव्रता कम थी लेकिन महसूस हुआ. 

अफगानिस्तान में भूकंप से भयंकर तबाही

अफगानिस्तान में हाल ही में आए भूकंप में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. तालिबान-प्रशासित स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अब तक करीब 1400 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं. यह भूकंप 31 अगस्त की रात स्थानीय समयानुसार आधी रात से कुछ पहले आया, जिसका केंद्र पाकिस्तान की सीमा से लगे पहाड़ी क्षेत्र में, जलालाबाद शहर के पास था. भूकंप की तीव्रता 6.0 थी, जो अपेक्षाकृत कम मानी जाती है, लेकिन इसका केंद्र सिर्फ आठ किलोमीटर की गहराई पर था, जिससे सतह पर तेज झटके महसूस किए गए और कई बाद में भी कई झटके आए.

अधिकांश लोग उस समय अपने घरों में सो रहे थे, जब भूकंप ने उनके कच्चे मकानों को धराशायी कर दिया. प्रभावित क्षेत्र दूरदराज और दुर्गम पहाड़ियों में होने के कारण, और भूस्खलन से कई सड़कें अवरुद्ध हो जाने की वजह से, अंतिम आंकड़े आने में अभी समय लग सकता है. भूकंप संभावित क्षेत्रहिमालय और हिंदूकुश पर्वतमालाएं, जहां यह प्रभावित इलाका स्थित है, भूकंपीय रूप से अत्यधिक सक्रिय क्षेत्र हैं. यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की टकराव रेखा पर स्थित है, जिससे यहां अक्सर विनाशकारी भूकंप आते हैं. अक्टूबर 2023 में इसी क्षेत्र में आए भूकंप में 1,500 से अधिक लोगों की जान गई थी, जबकि 2022 में भी एक और भूकंप ने 1,000 से अधिक लोगों की जान ली थी.