Delhi Accident News: 26 अप्रैल की रात करीब 10 बजे रिंग रोड पर होटल हयात रीजेंसी के सामने एक अधेड़ व्यक्ति सड़क पार कर रहा था. इस दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक सफेद कार ने उसे इतनी जोर से टक्कर मारी कि वह दूर जा गिरा. कार रुकी नहीं, पल भर में अंधेरे को चीरते हुए गायब हो गई. वहां मौजूद कुछ लोगों ने 112 पर कॉल किया. पीसीआर मौके पर पहुंची और घायल को एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी.

मरने वाले का नाम मुलू था, उम्र मात्र 34 साल. वह मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से था. जेब में मिला आधार कार्ड उसकी पहचान की एकमात्र कड़ी थी. दिल्ली वह काम की तलाश में आया था, लेकिन किस्मत उसे मौत के रास्ते ले आई. घटना के स्थान के आसपास कोई साफ CCTV फुटेज नहीं था. भारी ट्रैफिक और अंधेरा जांच में रोड़ा बना हुआ था. लेकिन आरके पुरम थाना की टीम ने हार नहीं मानी. इंस्पेक्टर रविंदर कुमार त्यागी और उनकी टीम ने 25 किलोमीटर तक फैले इलाके के सैकड़ों CCTV कैमरे खंगाले.

तेज रफ्तार कार से हुई टक्कर

करीब 20 से ज़्यादा सफेद कारों की जांच की गई. पूछताछ में एक ड्राइवर ने बताया कि उसने हादसे वाली रात एक सफेद कार को टक्कर मारते देखा था. पुलिस ने फुटेज को ज़ूम कर-कर के देखा, नंबर प्लेट के आखिरी अंक पकड़ में आए — 232. बस यही सुराग था. टीम ने उस नंबर की गाड़ी को ट्रैक किया, रिंग रोड से अफ्रीका एवेन्यू, फिर वेस्ट दिल्ली के रोहतक रोड स्थित शिव विहार कॉलोनी तक.

यह कार एक हुंडई अल्काजर गाड़ी थी, जिसके ड्राइवर साइड पर ताजा डेंट था. गाड़ी के मालिक निकले राजेश मेहता, जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर हैं. पूछताछ में उनकी पत्नी ने बताया कि हादसे के दिन गाड़ी वही चला रहे थे. पुलिस ने जब राजेश मेहता से सख्ती से सवाल किए, तो उन्होंने स्वीकार कर लिया हां, मैं ही था. तेज रफ्तार थी. वो आदमी अचानक सामने आ गया, मैं डर गया और भाग गया.