दिल्ली के बड़े हिस्से में आने वाले दिनों में पानी की भारी किल्लत देखने को मिल सकती है. चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में तकनीकी खराबी आने के कारण पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई है, जिससे लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. लोगों को अब अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं.

Continues below advertisement

जानकारी के मुताबिक, चंद्रावल प्लांट के पास बैकवॉश लाइन में अचानक खराबी आ गई. 600 एमएम की पाइपलाइन फटने से हालात और बिगड़ गए. इस वजह से पंप हाउस में पानी भर गया और इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल उपकरण काम करना बंद कर गए.

नतीजा यह हुआ कि पूरे इलाके में पानी की सप्लाई ठप हो गई. अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीकी खराबी काफी गंभीर है, जिसे ठीक करने में समय लग रहा है.

Continues below advertisement

तीन दिन तक राहत की उम्मीद नहीं

मरम्मत का काम तेजी से जारी है, लेकिन फिलहाल लोगों को तुरंत राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. अधिकारियों के अनुसार, पंप हाउस से पानी निकालने, पाइपलाइन की मरम्मत करने और खराब उपकरणों को ठीक करने में करीब तीन दिन का समय लग सकता है.

इसमें हाई टेंशन और लो टेंशन पैनल के साथ मोटरों की मरम्मत भी शामिल है. जब तक ये काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक सप्लाई सामान्य होना मुश्किल है.

इस खराबी का असर दिल्ली के कई घनी आबादी वाले इलाकों में पड़ा है. सराय रोहिल्ला, गुलाबी बाग, नारायणा विहार, नेहरू नगर, बलजीत नगर, प्रेम नगर, पंजाबी बस्ती, सदर बाजार, करोल बाग, पहाड़गंज, पटेल नगर, झंडेवाला, बापा नगर, देव नगर, कश्मीरी गेट, आरके पुरम और तुर्कमान गेट जैसे इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह प्रभावित है. यहां रहने वाले लोगों को पानी के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है.

9 विधानसभा क्षेत्रों पर असर

चंद्रावल प्लांट से करीब 96 वर्ग किलोमीटर इलाके में पानी की सप्लाई होती है, जो नौ विधानसभा क्षेत्रों को कवर करता है. ऐसे में इस खराबी का असर बड़े स्तर पर देखने को मिल रहा है. हजारों घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है.

इसके अलावा सिविल लाइंस, हिंदू राव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, एनडीएमसी क्षेत्र, ओल्ड और न्यू राजेंद्र नगर, इंद्रपुरी, दिल्ली कैंट, वसंत विहार, मुनिरका, तिमारपुर और मलकागंज जैसे इलाकों में भी पानी नहीं आ रहा है. ऐसे में लोगों को टैंकर या स्टोर किए गए पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर करें.