DU में नारी शक्ति इवेंट के दौरान भेदभाव का आरोप, स्लीवलेस कपड़े पहनने पर मंच से रोका गया
Delhi University News: छात्रा ने बताया कि इसका टॉपिक 'नारी शक्ति बंधन अधिनियम' था. यह कार्यक्रम पूरी तरह महिलाओं का कॉन्फ्रेंस था. इस दौरान स्लीवलेस कपड़ों की वजह मुझे मंच पर सम्मान करने से रोक दिया.

दिल्ली विश्विविद्यालय की छात्रा साराह शर्मा ने दौलत राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में आयोजित 'नारी शक्ति इवेंट' में उसके साथ स्लीवलेस कपड़ों को लेकर भेदभाव का आरोप लगाया है. छात्रा ने अपने सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए इस घटना की जानकारी दी है. उसने बताया कि उसके पास एक मॉक पार्लियामेंट के लिए न्योता आया. यह श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में हो रहा था.
छात्रा ने बताया कि इसका टॉपिक 'नारी शक्ति बंधन अधिनियम' था. यह कार्यक्रम पूरी तरह महिलाओं का कॉन्फ्रेंस था. इसमें सारे पॉर्टफोलियो महिलाओं को ही दिए गए थे. इस कार्यक्रम में खेल मंत्री मनसुख मंडाविया मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे. छात्रा ने बताया कि इस बीच मुझसे उनका सम्मान करने के लिए कहा गया था, लेकिन इसी बीच मुझे अधिकारियों ने रोक दिया. उन्होंने कहा कि आपने स्लीवलेस पहना है इसलिए आप उनको सम्मान नहीं दे सकतीं.
छात्रा ने अजीब अनुभव करार दिया
छात्रा ने इस अनुभव को बहुत ही अजीब और डिस्गस्टिंग बताया है. मुझे यह सबके सामने बोला गया जो मुझे बहुत शर्मिंदा कर गया. छात्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए हमें ड्रैस कोड दिया गया था. इसमें हमसे पारंपरिक पोशाक पहनकर आने को कहा गया था. सभी लड़कियां सूट और साड़ी पहनकर आई थीं. मैंने भी सूट पहन रखा था.
उसने आगे बताया कि मैं अकेली ऐसी लड़की नहीं थी वहां जिसने स्लीवलेस सूट पहना हुआ था. इस दौरान उन्होंने खुलासा किया कि उनको रोकने वाली एक महिला अधिकारी थी. जिन्होंने मुझे उनका सम्मान नहीं करने दिया.
छात्रा ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
वहीं छात्रा ने मंत्रालय के अधिकारियों पर एक और गंभीर आरोप लगाया है. उसने बताया कि तीन अधिकारी कार्यक्रम के खत्म होने के बाद बाहर आते हैं. इस दौरान हम लोग फोटो खींच रहे थे. तभी वह आकर हमसे कहते हैं कि इसलिए देश आगे नहीं बढ़ रहा है क्योंकि इस देश की औरतें एक घंटे से सिर्फ फोटो खिंचवा रही हैं.
इस पर छात्रा ने जवाब देते हुए कहा कि मैंने उनसे कहा कि हमारे फोटो खिंचवाने से देश की प्रगति कैसे रुक रही है. छात्रा ने आगे कहा कि इससे ज्यादा अजीब हमारे लिए कुछ हो ही नहीं सकता था. मैंने उनसे उनका नाम पूछने की कोशिश की तो उन्होंने इनकार कर दिया.
'ऐसे लोगों को मंत्रालय में नहीं होना चाहिए'
साराह शर्मा ने आगे कहा कि मुझे लगता है ऐसे लोगों को मंत्रालय में नहीं होना चाहिए. यह लोग नारी शक्ति की बात करते हैं. यह लोग महिलाओं के लिए बिल पास करने की बात करते हैं. जिससे महिला सशक्तिकरण होगा. उसने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इस बिल से कोई बदलाव आ पाएगा अगर आप लोगों का माइंडसेट नहीं बदलेगा तो.
अन्य छात्रा ने किया आरोपों का खंडन
वहीं साराह शर्मा के आरोपों का अन्य छात्रा ने खंडन किया है. कार्यक्रम में शामिल एक छात्रा ने बताया कि मंच पर कौन जाएगा इस बात को लेकर चर्चा हुई जिसके बाद साराह ने मंच से हटने की सहमति जताई. छात्रा का दावा है कि यह फैसला मंच पर स्थिति को संभालने के लिए लिया गया था न कि कपड़ों की वजह से लिया गया था.
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Source: IOCL


























