दिल्ली, मेरठ, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच तेज रफ्तार रेल यात्रा का सपना अब हकीकत के और करीब पहुंचता नजर आ रहा है. दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने की योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. उत्तराखंड सरकार ने संकेत दिए हैं कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए जरूरी सर्वेक्षण को जल्द मंजूरी दी जाएगी. इसके बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम आगे बढ़ सकेगा.

Continues below advertisement

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने 9 जून को उत्तराखंड सरकार को एक रिमाइंडर पत्र भेजा था. इसके बाद उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. माना जा रहा है कि राज्य सरकार जल्द ही सर्वेक्षण की अनुमति जारी कर सकती है, जिससे परियोजना की तकनीकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

Delhi News: बच्चा चुराकर बेचने वाली गैंग का दिल्ली पुलिस ने किया पर्दाफाश, 8 गिरफ्तार

Continues below advertisement

यूपी पहले ही दे चुका है मंजूरी

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार डीपीआर सर्वे के लिए अपनी लिखित सहमति पहले ही दे चुकी है. अब सिर्फ उत्तराखंड सरकार की औपचारिक मंजूरी बाकी है. जैसे ही यह अनुमति मिलेगी, एनसीआरटीसी पूरे प्रस्तावित मार्ग का तकनीकी, भौगोलिक और व्यवहार्यता सर्वेक्षण शुरू कर देगा.

प्रारंभिक योजना के अनुसार नमो भारत ट्रेन का विस्तार मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से आगे हरिद्वार और ऋषिकेश तक किया जाएगा. इस नए रेल नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 150 किलोमीटर होगी.

इसमें करीब 72 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और 78 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में पड़ेगा. यह विस्तार न केवल दो राज्यों को बेहतर तरीके से जोड़ेगा, बल्कि लाखों यात्रियों को तेज और आधुनिक परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराएगा.

किन शहरों को मिलेगा सीधा फायदा

प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन से शुरू होकर गाजियाबाद और मेरठ तक पहुंचेगा. इसके बाद ट्रेन दौराला, खतौली, मोदीपुरम, मुजफ्फरनगर, पुरकाजी, रुड़की, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे महत्वपूर्ण शहरों से होकर गुजरेगी.

इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई प्रमुख शहर पहली बार हाई-स्पीड क्षेत्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे. रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.

धार्मिक यात्रियों और पर्यटकों के लिए बड़ी राहत

हरिद्वार और ऋषिकेश देश के सबसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल हैं. हर साल लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान, चारधाम यात्रा और धार्मिक आयोजनों में भाग लेने के लिए यहां पहुंचते हैं.

नमो भारत ट्रेन शुरू होने के बाद दिल्ली और एनसीआर से आने वाले यात्रियों को सड़क पर लगने वाले लंबे जाम और घंटों की यात्रा से राहत मिलेगी. तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर के कारण पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

वर्तमान समय में दिल्ली से ऋषिकेश तक सड़क मार्ग से पहुंचने में आमतौर पर 5 से 6 घंटे लग जाते हैं. छुट्टियों और वीकेंड पर यह समय और भी बढ़ जाता है. लेकिन नमो भारत ट्रेन के संचालन के बाद यही दूरी लगभग ढाई से तीन घंटे में तय की जा सकेगी.

ट्रेन की प्रस्तावित अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है. इससे यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी और यात्रियों को तेज कनेक्टिविटी मिलेगी.

हालांकि अभी अंतिम किराया तय नहीं किया गया है, लेकिन दूरी के आधार पर लगाए जा रहे शुरुआती अनुमानों के मुताबिक दिल्ली से ऋषिकेश तक स्टैंडर्ड क्लास का किराया लगभग 450 से 520 रुपये के बीच हो सकता है.

वहीं प्रीमियम कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को करीब 900 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं. अंतिम किराया परियोजना की स्वीकृति और संचालन नीति के बाद ही तय होगा.

मुख्यमंत्री धामी लगातार कर रहे थे पैरवी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लंबे समय से इस परियोजना के विस्तार की मांग कर रहे थे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर हरिद्वार और ऋषिकेश तक नमो भारत सेवा बढ़ाने का अनुरोध किया था. अब केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर मिल रहे सकारात्मक संकेतों को मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों की बड़ी सफलता माना जा रहा है.

Delhi News: शाहदरा के मकान में लगी भीषण आग, दमकल की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के अनुसार केंद्र सरकार के नगर विकास मंत्रालय ने हरिद्वार-ऋषिकेश तक कॉरिडोर विस्तार के प्रस्ताव को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है. मंत्रालय ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए राज्य सरकार से औपचारिक सहमति मांगी है. यह प्रक्रिया पूरी होते ही परियोजना अगले चरण में पहुंच जाएगी.

अगर सर्वेक्षण और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली, मेरठ, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच यात्रा का पूरा स्वरूप बदल सकता है.

बेहतर कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय और आधुनिक परिवहन व्यवस्था के साथ यह परियोजना उत्तर भारत की सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय रेल परियोजनाओं में शामिल हो सकती है. इससे धार्मिक पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.