दिल्ली को मिलेंगे चार नए बड़े अस्पताल, 3200 से ज्यादा बेड होंगे उपलब्ध, जुलाई 2026 तक तैयार
Delhi New Big Hospitals: दिल्ली सरकार सिरसपुर, मादीपुर, हस्तसाल और ज्वालापुरी में चार नए बड़े अस्पताल शुरू करने जा रही है जिनमें 3200 से अधिक बेड होंगे. निर्माण कार्य 65-85% पूरा हो चुका है.

दिल्ली सरकार इस साल राजधानी के लोगों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है. सरकार सिरसपुर, मादीपुर, हस्तसाल और ज्वालापुरी में चार नए बड़े सरकारी अस्पताल शुरू करने जा रही है. इन अस्पतालों के शुरू होने से दिल्ली में इलाज की सुविधाएं बढ़ेंगी और बड़े अस्पतालों पर मरीजों का बोझ कम होगा. इन चारों अस्पतालों में कुल 3200 से अधिक बेड उपलब्ध कराए जाएंगे.
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इन अस्पतालों का निर्माण कार्य 65 से 85 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है. लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को निर्देश दिए गए हैं कि काम तेजी से पूरा किया जाए. अधिकतर अस्पतालों को जुलाई 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि हस्तसाल अस्पताल सितंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है.
कहां बन रहे हैं नए अस्पताल
ये चारों अस्पताल पश्चिमी और बाहरी दिल्ली के इलाकों में बन रहे हैं:
1.सिरसपुर अस्पताल: बाहरी दिल्ली में बन रहा है, जिससे बादली, बवाना, स्वरूप नगर, नंगली पूना और खेड़ा कलां जैसे इलाकों के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा.
2.मादीपुर, हस्तसाल और ज्वालापुरी अस्पताल: पश्चिमी दिल्ली के लोगों के लिए बड़ी सुविधा बनेंगे.
फर्नीचर, मशीनें और स्टाफ भर्ती की तैयारी शुरू
अधिकारियों ने बताया कि अस्पतालों में इलाज के साथ-साथ जरूरी फर्नीचर, मशीनें और स्टाफ भर्ती की तैयारी भी शुरू कर दी गई है, ताकि अस्पताल शुरू होते ही मरीजों को पूरा इलाज मिल सके. इन अस्पतालों के चालू होने से दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा. फिलहाल पश्चिमी दिल्ली के लाखों लोग इलाज के लिए डीडीयू अस्पताल पर निर्भर हैं, जहां अक्सर बेड की कमी रहती है.
परियोजना में देरी पर सख्त रुख
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद पिछली सरकार इन अस्पतालों को समय पर पूरा नहीं कर सकी. उन्होंने साफ कहा कि विकास कार्यों में देरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी शुरू की गई है.
देरी से बढ़ी लागत
पीडब्ल्यूडी सूत्रों के मुताबिक, परियोजनाओं में देरी की वजह से इन अस्पतालों की लागत काफी बढ़ गई है. उदाहरण के तौर पर, ज्वालापुरी और मादीपुर अस्पताल का शुरुआती टेंडर करीब 269 करोड़ रुपये का था, लेकिन अब इनकी लागत बढ़कर लगभग 472 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.
अस्पतालों की स्थिति
1.सिरसपुर अस्पताल:
बेड: 1164
काम पूरा: 80%
लक्ष्य: जुलाई 2026
2.मादीपुर अस्पताल:
बेड: 691
काम पूरा: 75%
लक्ष्य: जुलाई 2026
3.हस्तसाल अस्पताल:
बेड: 691
काम पूरा: 65%
लक्ष्य: सितंबर 2026
4.ज्वालापुरी अस्पताल:
बेड: 691
काम पूरा: 75%
लक्ष्य: जुलाई 2026
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करेंगे नए अस्पताल
दिल्ली की आबादी लगातार बढ़ रही है और सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. कोरोना काल के बाद से स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत और ज्यादा महसूस की गई. ऐसे में ये चार नए अस्पताल दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे और आम लोगों को सस्ता और बेहतर इलाज मिल सकेगा.
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Source: IOCL



























