Delhi Crime News: दिल्ली पुलिस ने गैंगरेप के सजायाफ्ता कैदी को दोबारा जेल पहुंचा दिया है. बदमाश की पहचान राजू पोरवाल उर्फ अनुप पोरवाल के रूप में हुई है. 2008 में तिलक नगर गैंगरेप का राजू पोरवाल दोषी था. राजू पोरवाल को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी. सितंबर 2023 में पैरोल पर छूटा कैदी रफूचक्कर हो गया था. क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल ने स्पेशल ऑपरेशन चलाकर सजायाफ्ता कैदी को धर दबोचा. तिलक नगर में युवती के साथ गैंगरेप की वारदात सामने आई थी.
दिल्ली पुलिस ने गैंगरेप के तीनों आरोपियों को आईपीसी की धारा 376(2)(G), 328 और 34 में गिरफ्तार कर लिया. तिलक नगर गैंगरेप का मामला अदालत में पहुंचा. सबूत और बयान के आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी माना. 2 फरवरी 2013 को सजा का ऐलान हुआ. अदालत ने बदमाशों को उम्रकैद की सजा सुनाई. पुलिस ने बताया कि इंस्पेक्टर पंकज मलिक और रोहित कुमार के नेतृत्व में स्पेशल टीम बनाई गई. गोपनीय सूचना और तकनीकी निगरानी के जरिए टीम को सुराग मिला कि राजू पोरवाल रघुबीर नगर और ख्याला इलाके में छिपा हुआ है.
गैंगरेप का सजायाफ्ता मुजरिम पकड़ाया
पुलिस ने इलाके में कई दिनों तक निगरानी रखने के बाद आखिरकार आरोपी को पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सजायाफ्ता मुजरिम को जेल पहुंचा दिया. क्राइम ब्रांच के मुताबिक राजू पोरवाल ख्याला इलाके में कपड़ों का छोटा कारोबारी था. पैरोल पर छूटने के बाद राजू पोरवाल ने परिवार से सभी संपर्क तोड़ दिए.
दिल्ली पुलिस को कैसे मिली सफलता?
सजायाफ्ता मुजरिम पहचान छिपाने के लिए छोटे-मोटे काम कर रहा था. पुलिस ने बताया कि खतरनाक अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल का ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा.
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