व्हाट्सएप ग्रुप से शेयर मार्केट ठगी, 10 लाख का चूना, दिल्ली पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा
Delhi Cyber Crime News: पुलिस ने रोहिणी के विजय विहार इलाके में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों की पहचान सुमित, संदीप और कमल कुमार के रूप में हुई है.

- व्हाट्सएप ग्रुप से शेयर बाजार में निवेश का लालच देकर ठगी.
- पीड़ित ने 10 लाख निवेश किए, मुनाफा नहीं मिला.
- पुलिस ने तीन आरोपियों को म्यूल खाते के आरोप में पकड़ा.
- गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी, सतर्क रहने की सलाह.
आजकल ऑनलाइन पैसे कमाने के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसा ही एक मामला दिल्ली के शाहदरा इलाके से सामने आया है, जहां एक शख्स को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए शेयर बाजार में निवेश का लालच देकर 10 लाख की ठगी कर ली गई. पीड़ित अमित कुमार जैन जो सुभाष पार्क के रहने वाले हैं, ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 में उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया. ग्रुप में मौजूद लोगों ने उन्हें शेयर बाजार में पैसा लगाने पर कम समय में ज्यादा मुनाफा होने का भरोसा दिलाया.
गारंटीड रिटर्न और जल्दी अमीर बनने जैसी बातों में आकर उन्होंने अलग-अलग किस्तों में करीब 10 लाख निवेश कर दिए. लेकिन जैसे ही पैसे ट्रांसफर हुए, न तो कोई मुनाफा मिला और न ही उनकी रकम वापस आई. उल्टा, जब उन्होंने पैसे मांगने की कोशिश की तो ठगों ने उन्हें ब्लॉक कर दिया.
दिल्ली पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की अहम कार्रवाई
दिल्ली पुलिस को शिकायत मिलने के बाद शाहदरा साइबर सेल हरकत में आई. तकनीकी जांच और बैंक खातों की पड़ताल के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम का कुछ हिस्सा रोहिणी स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक के एक खाते में गया है. इसके बाद पुलिस ने रोहिणी के विजय विहार इलाके में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों की पहचान सुमित ,संदीप और कमल कुमार के रूप में हुई है.
आरोपियों ने किया अहम खुलासा
दिल्ली पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सीधे ठगी नहीं करते थे, बल्कि म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराते थे. यानी ऐसे बैंक खाते जो दूसरों के नाम पर खुलवाए जाते हैं और जिनका इस्तेमाल ठगी का पैसा मंगाने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है, ताकि असली ठग पकड़े न जाएं. पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन, 6 डेबिट कार्ड, बैंक डिटेल्स और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए हैं. इन मोबाइल फोन का इस्तेमाल व्हाट्सएप चैट के जरिए लोगों को फंसाने के लिए किया जाता था.
दिल्ली पुलिस की जांच जारी
दिल्ली पुलिस इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस तरह की ठगी में और कितने लोग शामिल हैं. इसके साथ ही लोगों से सावधानी और लालच से बचने की सलाह दी है.
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Source: IOCL


























