दिल्ली का 'शाहजहानाबाद' बना 'इंद्रप्रस्थ पुनर्विकास निगम', VHP ने फैसले को बताया ऐतिहासिक
Delhi News In Hindi: दिल्ली सरकार ने 'शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम' का नाम बदलकर 'इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम' कर दिया है. विहिप ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया है.

दिल्ली सरकार ने राजधानी की प्राचीन सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने 'शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम' का नाम बदलकर अब 'इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम' कर दिया है. विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के इंद्रप्रस्थ प्रांत ने सरकार के इस फैसले का जोरदार स्वागत किया है और इसे दिल्ली के सभ्यतागत गौरव को फिर से स्थापित करने वाला एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया है.
विहिप इंद्रप्रस्थ प्रांत के प्रांत मंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक नाम का बदलाव नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक स्वाभिमान की पुनर्स्थापना है. उन्होंने कहा, "इंद्रप्रस्थ केवल एक नाम नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता, संस्कृति, राजधर्म और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है. किसी भी राष्ट्र की पहचान उसके इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों से होती है."
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अक्टूबर 2025 में भेजा गया था विस्तृत सुझाव-पत्र
संगठन ने बताया कि वे लंबे समय से दिल्ली की मूल और प्राचीन पहचान 'इंद्रप्रस्थ' को फिर से प्रतिष्ठित करने के लिए सामाजिक जागरण और जनसंवाद कर रहे थे. 19 अक्टूबर 2025 को आयोजित 'इंद्रप्रस्थ पुनर्जागरण संकल्प सभा' के बाद विहिप ने दिल्ली सरकार को एक विस्तृत सुझाव-पत्र भेजा था.
क्या थीं प्रमुख मांगें?
इस पत्र में 'शाहजहानाबाद डेवलपमेंट बोर्ड' का नाम बदलकर 'इंद्रप्रस्थ डेवलपमेंट बोर्ड' करने की प्रमुख मांग की गई थी. इसके अलावा दिल्ली का नाम 'इंद्रप्रस्थ' करने, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित कई प्रमुख संस्थानों के नामों में 'इंद्रप्रस्थ' जोड़ने का सुझाव दिया गया था.
CM रेखा गुप्ता और सांसद प्रवीण खंडेलवाल का जताया आभार
विश्व हिन्दू परिषद ने इस ऐतिहासिक फैसले के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल का आभार व्यक्त किया है. संगठन की ओर से दोनों जनप्रतिनिधियों को औपचारिक धन्यवाद-पत्र भी भेजे गए हैं, जिसमें इस कदम को दिल्ली की सभ्यतागत पहचान के सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया गया है.
विहिप ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी दिल्ली की प्राचीन विरासत को उसके वास्तविक स्वरूप में प्रतिष्ठित करने के लिए ऐसे कई फैसले लिए जाएंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास से मजबूती से जुड़ सकें.
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