सत्य निकेतन हादसे पर भड़के दीपेंद्र हुड्डा, सरकार-प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
दिल्ली के सत्य निकेतन में शिव मंदिर के पास एक इमारत गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. तीन छात्रों की हालत गंभीर बताई गई है. कई लोग अभी भी फंसे हैं. दीपेंद्र हुड्डा ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधा है.

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक इमारत गिरने से हड़कंप मच गया. हादसे पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार और प्रशासन को घेरा है. हालांकि मौके पर पहुंचे हुड्डा ने कहा कि यह राजनीति और एकदूसरे पर आरोप लगाने का समय नहीं है. हादसा मोतीबाग क्षेत्र में सत्य निकेतन स्थित शिव मंदिर के पास हुआ है.
बताया जा रहा है कि इमारत में PG में रहने वाले छात्र भी रहते थे. इमारत गिरने के बाद कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई. मौके पर राहत और बचाव अभियान जारी है.
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'लेट पहुंचीं पुलिस और एंबुलेंस'
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि अब तक तीन बच्चों को बचाया जा चुका है. उन्होंने कहा कि अनुमान है कि करीब 25-26 बच्चे अभी भी अंदर फंसे हो सकते हैं, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक फंसे लोगों की सही संख्या की पुष्टि नहीं की है. उन्होंने ये भी कहा कि पुलिस और एंबुलेंस की गाड़ियों को आने बहुत वक्त लगा. 31 मई को हुए साकेत हादसे का भी जिक्र कर उन्होंने सरकार पर निशाना साधा.
हादसे में एक व्यक्ति की मौत की भी जानकारी सामने आई है, जबकि तीन छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है. बचाव दल मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं.
#WATCH | Delhi: On the Satya Niketan building collapse, Congress MP Deepender Singh Hooda says, "This is not the time for a political blame game. This is the time for rescue. We are all engaged in the rescue operation, and our teams are working. There can be nothing more painful… pic.twitter.com/0ti2CW6tuD
— ANI (@ANI) September 6, 2026
दीपेंद्र हुड्डा बोले- यह राजनीति का समय नहीं
घटनास्थल पर पहुंचे कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह एक-दूसरे पर आरोप लगाने या राजनीति करने का समय नहीं है, बल्कि बचाव अभियान पर ध्यान देने का वक्त है. उन्होंने कहा कि उनकी टीमें भी राहत और बचाव कार्य में लगी हैं. हुड्डा ने कहा कि वह यहां राजनेता के तौर पर नहीं, बल्कि दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और एक इंसान के तौर पर आए हैं. हालांकि उन्होंने साफ किया कि हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने के लिए जवाब जरूर मांगा जाएगा.
फायर और बिल्डिंग सेफ्टी पर उठे सवाल
हुड्डा ने कहा कि दिल्ली में पहले भी फायर सेफ्टी, बिल्डिंग सेफ्टी, नक्शे और MCD, NDMC समेत संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं. उन्होंने कहा कि सत्ता में जो भी सरकार होगी, उसे इस हादसे को लेकर जवाब देना होगा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी राहत-बचाव टीम को घटनास्थल पर भेजा है. स्थानीय विधायक के मुताबिक, छात्रों के मलबे में फंसे होने को लेकर फोन आ रहे हैं. फिलहाल प्रशासन और राहत दलों का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर है.
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