दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग ढहने का पहला VIDEO आया सामने, दहला देगा हादसा
दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की खबर है. ज्यादा डराने वाली बात यह है कि मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है क्योंकि इस 5 मंजिला इमारत करीब 150 लोगों की कैपेसिटी वाला पीजी चल रहा था.

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन की एक संकरी गली में लड़कों का पेइंग गेस्ट (PG) था. यह पीजी पांच मंजिला जर्जर इमारत में चल रहा था जो रविवार (6 अक्टूबर) की दोपहर अचानक भरभराकर गिर गई. करीब 30 साल पुरानी यह इमारत ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और पूरा दिल्ली दहल गया. इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की खबर मिल रही है जबकि 8 लोग बुरी तरह जख्मी बताए जा रहे हैं. मलबे में और भी लोगों के फंसे होने की आशंका है और रेस्क्यू ऑपरेशन कल दोपहर से ही जारी है.
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे का एक सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है. देशभर से डीयू पढ़ने आए बच्चे ज्यादातर सत्य निकेतन जैसी गलियों में पीजी लेकर रहते हैं. यहां ऐसे कई पीजी बनाकर खड़े कर दिए गए हैं जिनकी कभी इजाजत ही नहीं थी. इन इमारतों में पैसे लेकर बच्चों को रहने की जगह दी जाती है लेकिन सुरक्षा की गारंटी कोई नहीं देता. हादसे के बाद से ही बच्चों के परिवार देश के अलग-अलग कोनों में परेशान हैं और उनसे संपर्क न हो पाने की वजह से दहशत में हैं.
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#BREAKING | दिल्ली बिल्डिंग हादसे का CCTV वीडियो, 5 मंजिला इमारत भरभरा कर गिरते दिखी
— ABP News (@ABPNews) September 7, 2026
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इस हादसे ने दिल्ली को दहलाकर रख दिया है. देश की राजधानी में जब ऐसा कोई बड़ा हादसा होता है तो यह केवल शर्मनाक ही नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है.
इमारत मालिक पर गैर-इरादतन हत्या का केस
दिल्ली पुलिस ने साउथ कैंपस थाने में इमारत के मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और अन्य लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया. पुलिस ने बताया, "यह इमारत पेइंग गेस्ट (पीजी) के रूप में इस्तेमाल हो रही थी. आरोप है कि भूतल पर मरम्मत का काम हो रहा था जिसके कारण इमारत ढह गई. आरोपियों की तलाश के लिए कई टीम गठित की गई हैं."
रेस्क्यू टीम के साथ स्थानीय लोगों ने भी की मदद
जब बचाव दल मलबे को हटाकर रेस्कयू में जुटे थे तो स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी इस मुश्किल कोशिश में मदद की और लोगों को बचाने की कोशिश की. उन्होंने अपने हाथों और उपलब्ध औजारों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश शुरू की. 70 कर्मियों के साथ NDRF की दो टीमें और एक डॉग स्क्वॉड मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं.
जीवित लोगों के लिए मलबे के नीचे ऑक्सीजन सिलेंडर
NDRF के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि मलबे में फंसे लोगों को सांस लेने में मदद के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर नीचे पहुंचाए गए हैं. घटनास्थल पर दमकल की गाड़ियां भी तैनात की गई हैं. दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), दिल्ली नगर निगम, ‘कैट’ और नागरिक सुरक्षा की टीम घटनास्थल पर बचाव अभियान में जुटे रहे.
मलबे के नीचे दबे लोग फोन कर मांग रहे थे मदद
इस हादसे की कुछ ऐसी भयावह तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं जिन्हें देखकर कोई भी दहल जाए. मलबे में दबे कुछ छात्र मदद के लिए अपने मोबाइल से लोगों को फोन करते नजर आए. मुख्यमंत्री रेखा गप्ता ने इस हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए.
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