Delhi News: पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज करने पर कर्मचारियों को मिलेगा ये फायदा, रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला
Delhi News In Hindi: दिल्ली सरकार ने प्रदूषण घटाने और ईंधन बचाने के लिए कर्मचारियों हेतु अनोखी प्रोत्साहन योजना शुरू की है. सार्वजनिक परिवहन (मेट्रो, बस) का उपयोग कर भत्ता और 10% अतिरिक्त बोनस पाएंगे.

राजधानी में प्रदूषण के स्तर को घटाने और ईंधन की बढ़ती खपत पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बेहद अनोखी और फायदेमंद योजना की शुरुआत की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने की अपील को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने अपने कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन (दिल्ली मेट्रो, डीटीसी बस आदि) के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने का फैसला किया है. वित्त विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) जारी कर दिया गया है.
निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना है मुख्य उद्देश्य
वित्त विभाग के अनुसार, इस योजना का सीधा उद्देश्य सड़कों पर निजी गाड़ियों की संख्या को कम करना, ईंधन की भारी बचत करना और पर्यावरण को स्वच्छ बनाना है. सरकार का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि कर्मचारियों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होगा.
जानिए कैसे काम करेगी यह प्रोत्साहन योजना?
कर्मचारियों को इस योजना के तहत अतिरिक्त भत्ता पाने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना होगा:
- कॉमन मोबिलिटी कार्ड: कर्मचारियों की सहमति के बाद डीटीसी (DTC) द्वारा उन्हें एक स्पेशल कॉमन मोबिलिटी कार्ड दिया जाएगा.
- 25% का नियम: हर महीने कर्मचारी के कुल ट्रांसपोर्ट अलाउंस (महंगाई भत्ते यानी DA को छोड़कर) का 25 प्रतिशत हिस्सा सीधे इस कार्ड में जमा (रिचार्ज) कर दिया जाएगा.
- 10% का एक्स्ट्रा फायदा: इस कार्ड के जरिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने पर कर्मचारी को उनके कुल ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर 10 प्रतिशत की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि बोनस के रूप में मिलेगी.
सैलरी का गणित: अलाउंस का बाकी 75 प्रतिशत हिस्सा और यह 10 प्रतिशत का अतिरिक्त बोनस कर्मचारी को हर महीने उनके वेतन (Salary) के साथ ट्रांसफर किया जाएगा. इस प्रक्रिया से महंगाई भत्ते (DA) पर कोई असर नहीं पड़ेगा, वह पहले की तरह ही मिलता रहेगा.
इन सभी विभागों के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
यह योजना केवल सचिवालय या मुख्य सरकारी दफ्तरों तक ही सीमित नहीं है. इसका दायरा काफी बड़ा रखा गया है. दिल्ली सरकार के सभी नियमित कर्मचारी. स्वायत्त निकाय (Autonomous Bodies) और स्थानीय निकाय (Local Bodies). दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले सभी बोर्ड, निगम (Corporations) और सोसायटियां.
6 महीने बाद होगा आगे का फैसला
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण और कर्मचारियों के हित में शुरू की गई यह योजना फिलहाल 6 महीने के लिए ट्रायल बेसिस पर लागू की गई है. इस अवधि के दौरान ईंधन की बचत और कर्मचारियों के रिस्पॉन्स के आंकड़ों की गहन समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद इस योजना को आगे स्थायी रूप से बढ़ाने पर विचार किया जाएगा.
ममता बनर्जी और कांग्रेस नेताओं की मुलाकात पर AAP की प्रतिक्रिया, साफ किया पार्टी का रुख























