दिल्ली सरकार ने दो दशक पुरानी बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) पॉलिसी को रद्द कर दिया है. सरकार बेहतर बनाने के लिए अब केंद्र सरकार के नए स्ट्रक्चर का अध्ययन कर रही है. विधानसभा में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस बारे में अवगत कराया है.

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दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सिरसा ने कहा, "पिछली पॉलिसी पुरानी हो गई थी और उसमें कई कमियां थीं. अब पिछले दो दशकों से टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काफी बदलाव हुए हैं."

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क्यों खत्म की बी एंड बी पॉलिसी?

सिरसा ने आगे कहा कि यह पॉलिसी काफी पुरानी तो थी ही लेकिन इसमें कई कमियां उजागर हुईं. सिरसा ने मालवीय नगर आग हादसे का जिक्र करते हुए कहा, "हमने एक आग की घटना भी देखी जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई. इसलिए दिल्ली में टूरिज्म बहुत सारी जरूरतें हैं." उन्होंने आगे कहा, "सरकार अब रेगुलेशन, नियमों के पालन और आसानी से बिजनेस करने (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के बीच संतुलन बनाना चाहती है."

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने क्या कहा?

मंत्री मनजिंदर सिंह ने पॉलिसी को लेकर कहा, "सरकार एक मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क थोपने की जगह लंबे समय तक प्रभावी रहने वाला स्ट्रक्चर चाहती है. हम इसे कुछ हद तक नियंत्रण में करना चाहते हैं और अनुपालन पैटर्न को भी सुधारना चाहते हैं. नीति से जो भी परिणाम निकलेगा उसके आधार पर स्ट्रक्चर बनाया जाएगा और दिल्ली के लिए बेहतर पॉलिसी लागू की जाएगी."

उन्होंने बताया कि मौजूदा बी एंड बी पॉलिसी को 2007 में लागू किया गया था. उस वक्त ऑनलाइन आवास बुकिंग प्लेट्फॉर्म मौजूद नहीं थे. हम इस कानून को खत्म कर रहे हैं क्योंकि यह काफी पुराना हो चुका है. अब इसमें बदलाव नहीं किए जा सकते हैं.

टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी पर क्या बोले सिरसा?

मनजिंदर सिंह सिरसा ने टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी को लेकर बताया कि इस क्षेत्र में काफी बदलाव हुए हैं, जिससे नए घरों के नए रूप का उदय और नीतिगत दृष्टिकोणों का विकास भी हुआ है. इस विधेयक में कहा गया है कि बी एंड बी प्रतिष्ठानों को कंट्रोल करने वाले मौजूदा स्ट्रक्चर को खत्म और इसे और ज्यादा सुविधापूर्ण व्यवस्था में बदलना जरूरी है. इसको देखते हुए सरकार ने बी एंड बी प्रतिष्ठानों के रेगुलेशन और प्रमोशन में सुधार करने का प्रस्ताव रखा है. 

अब इसे और ज्यादा बेहतर तरीके से पेश किया जाएगा. साथ ही, सुरक्षा, जन स्वास्थ्य, नगरपालिका प्रशासन और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित लागू कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा. विधेयक में कहा गया है कि इसके लिए विस्तृत नीति बनाई जा रही है, जिसे मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा. 

इस कानून में क्या-क्या प्रावधान थे?

इस बी एंड बी पॉलिसी को रद्द वाले विधेयक के बाद नए कानून आने तक कुछ प्रावधान किए गए हैं. फिलहाल अभी तक जो कानून लागू था उसमें नए रजिस्ट्रेशन और पेंडिंग एप्लीकेशन्स का प्रोसेस बंद रहेगा. फिलहाल रजिस्ट्रेशन, सर्टिफिकेट और शिकायत के निपटारे से जुड़े मामलों को नई पॉलिसी के तहत निपटाया जाएगा. वहीं पुराने कानून के तहत शुरू की गई सजा देने की प्रक्रिया उसी के तहत की जाएगी. साथ ही पुराने कानून के तहत ही कार्रवाई उन्हीं प्रावधानों के अनुसार जारी रहेगी.

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