दिल्ली में बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकार ने अस्पतालों में खास तैयारियां की हैं. इसपर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा है कि राजधानी के सभी सरकारी अस्पताल हर तरह की इमरजेंसी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने बताया कि हर अस्पताल में कम से कम 10 बेड हमेशा इमरजेंसी के लिए खाली रखे जाते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस समय हीट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को पूरी तरह सतर्क रखा गया है. उन्होंने यह भी बताया कि सिर्फ हीट स्ट्रोक ही नहीं, बल्कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से निपटने के लिए भी पूरी तैयारी की गई है. अस्पतालों में जरूरी दवाइयां, उपकरण और स्टाफ उपलब्ध है.

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पंकज सिंह ने भरोसा दिलाया कि अगर किसी व्यक्ति को किसी भी तरह की परेशानी होती है, तो वह सीधे अस्पताल जा सकता है. वहां उसके लिए बेड और इलाज की सुविधा पहले से मौजूद रहेगी. उन्होंने कहा कि डॉक्टर अनुभवी हैं और हालात को समझते हैं, इसलिए उन्हें अलग से निर्देश देने की जरूरत नहीं पड़ती.

काम पर आने-जाने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत

दिल्ली में हर साल गर्मियों के दौरान तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. कई बार तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है, जिससे लोगों को लू लगने का खतरा बढ़ जाता है. खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है.

सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि वे ज्यादा धूप में बाहर न निकलें, पानी ज्यादा पिएं और हल्का खाना खाएं. अगर किसी को चक्कर आए, कमजोरी महसूस हो या तेज बुखार हो, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर इलाज कराएं.

घबराने की जरूरत नहीं 

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस बार गर्मी को देखते हुए पहले से ही तैयारी कर ली गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को परेशानी न हो. सरकार का दावा है कि दिल्ली के अस्पताल हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.

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