दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच GRAP-III और GRAP-IV के नियमों के उल्लंघन का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल पहुंच गया है. एनजीटी के एक ऑफिस कैंपस में बड़े पैमाने निर्माण और तोड़फोड़ का काम चल रहा है. जिसे लेकर एनजीटी को नोटिस जारी किया गया है.
याचिकाकर्ता ने मांगा 7 लाख रुपये का मुआवजा
एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर डॉ. ए. सेंथिल वेल की बेंच के सामने याचिकाकर्ता ने गंभीर आरोप लगाया कि नवंबर 2025 से ही करीब 80 वॉशरूम के निर्माण का कार्य किया जा रहा है, जबकि उस समय दिल्ली में GRAP-III और GRAP-IV लागू थे.
जिनमें ऐसे कामों पर रोक होती है. जिसके बाद याचिकाकर्ता ने बताया कि उसकी दो महीने की बच्ची गंभीर बीमारी से जूझ रही है और वह खुद भी एलर्जिक ब्रोंकाइटिस का मरीज है. वहीं खराब हवा की वजह से उसे अपनी बच्ची से दूर रहना पड़ रहा है. इसलिए उसने एनजीटी से इलाज और अन्य खर्चों को देखते हुए 7.11 लाख रुपये के मुआवजे की मांगा की है.
एनजीटी ने सभी संबंधित पक्षों को किया नोटिस जारी
एनजीटी में दाखिल याचिका में यह भी कहा गया कि 22 नवंबर 2025 को ग्रीन दिल्ली ऐप और एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) में यह शिकायत की गई थी . लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
सबूतों के तौर पर निर्माण कार्य की तस्वीरें भी एनजीटी में पेश की गई. मामले को गंभीर मानते हुए एनजीटी ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है. साथ ही याचिकाकर्ता को निर्देश दिया गया कि वह सभी पक्षों को नोटिस की कॉपी देकर अगली सुनवाई से एक हफ्ते पहले हलफनामा दाखिल करें.
एनजीटी ने CAQM को जारी किए अहम आदेश
एनजीटी ने CAQM को भी आदेश दिया है कि वह शिकायत की जांच करें और मौके पर जाकर स्थिति देखे. वहीं अगर किसी भी नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो 10 दिन के अंंदर उचित कार्रवाई भी करी जाए. CAQM को अगली सुनवाई से पहले अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट भी दाखिल करनी होगी. इस मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी 2026 को की जाएगी.