Delhi News: दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बुधवार (18 जून) दिल्ली पुलिस के दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है. ये मंजूरी दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 197 के तहत दिल्ली पुलिस के बर्खास्त हेड कांस्टेबल राकेश शर्मा और बर्खास्त कांस्टेबल खुशी राम के खिलाफ दी गई है. इन दोनों के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा (EOW) थाने में 14 मई 2018 को दर्ज किया गया था. जिसमें IPC की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 201 और 120-बी तथा आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 66 के तहत आरोप दर्ज किए गए थे.
ये सारा केस गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी अधिनियम की धाराओं में दर्ज किया गया था. असल में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की जांच में खुलासा हुआ था कि शस्त्र लाइसेंस, होटल/गेस्ट हाउस, भोजनालय और प्रेस लाइसेंस सहित विभिन्न प्रकार के लाइसेंसों के नवीनीकरण और जारी करने के लिए जो फीस जमा की जाती थी, उसमें भारी गड़बड़ी की गई थी और असली सॉफ्टवेयर से रसीद जारी करने के बजाय नकली रसीदें तैयार कर नकद वसूली की जा रही थी. साथ ही इन लेनदेन को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया था.
महत्वपूर्ण दस्तावेज तक कर दिए थे गायबजांच में सामने आया था की 1 सितंबर 2016 से 20 फरवरी 2018 के बीच यह सारी वित्तीय अनियमितता की गई थी और मार्च 2017 से फरवरी 2018 तक हथियार लाइसेंस रिन्यूअल काउंटर नंबर-2, जिसे हेड कांस्टेबल राकेश शर्मा संभाल रहे थे उस पर सबसे ज्यादा फर्जी रसीदें जारी की गई थी और इसी दौरान कांस्टेबल खुशी राम हथियार लाइसेंस रिन्यूअल डेस्क पर कैशियर की भूमिका में थे. ऐसे में जांच में इनके बीच साठगांठ और गबन के संकेत मिले हैं और जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई कंप्यूटर फाइलें डिलीट कर दी गई और महत्वपूर्ण दस्तावेज तक गायब कर दिए गए थे .
फर्जी रसीद प्रारूप किया तैयारजांच के दौरान फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट और EOW की चार्जशीट से दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले थे और दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने भी जांच के बाद माना कि हेड कांस्टेबल राकेश शर्मा और कांस्टेबल खुशी राम ने मिलकर एक फर्जी रसीद प्रारूप तैयार किया, जिससे वे बिना आधिकारिक सॉफ्टवेयर के नकली रसीदें जनरेट कर रहे थे और ये रसीदें उसी प्रिंटर से छापी जा रही थीं, जिससे असली रसीदें छपती थीं, ताकि कोई शक न हो.
जांच में दोनों अभियुक्तों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद आज दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने CrPC की धारा 197 के तहत अभियोजन की अनुमति देते हुए गृह विभाग को यह भी निर्देश दिया है कि दिल्ली पुलिस द्वारा दिल्ली पुलिस अधिनियम, 1978 की धारा 140 के तहत अभियोजन की अनुमति के लिए भेजे गए अनुरोध की समीक्षा की जाए और मुकदमा चलाया जाए.