Delhi Crime News: दिल्ली पुलिस ने एक फर्जी पहचान दस्तावेज बनाने के रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो न केवल लोगों के व्यक्तिगत डेटा के साथ धोखाधड़ी कर रहा था, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न कर रहा था. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक मार्कशीट जैसे फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर, करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की. इस रैकेट से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और अत्याधुनिक इमेज एडिटिंग सॉफ्टवेयर भी बरामद किए गए हैं.

आरोपियों ने आधार कार्ड के डेमोग्राफिक विवरणों में धोखाधड़ी से बदलाव करने के लिए एक नई तकनीक चाल चलने का तरीका निकाला था. वे नकली अंगूठे के निशान और पहले से रिकॉर्ड किए गए आइरिस स्कैनर का इस्तेमाल करते हुए आधार कार्ड सिस्टम को धोखा दे रहे थे. इससे न केवल लोगों की पहचान का गलत इस्तेमाल हो रहा था, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरे की घंटी था. आधार, जो आजकल के कई सरकारी और निजी कार्यों में मुख्य पहचान प्रमाण बन चुका है, के साथ इस तरह की धोखाधड़ी का खुलासा बेहद चिंताजनक है.

दिल्ली पुलिस ने मामले में की अहम कार्रवाई19 अप्रैल 2025 को चांदनी महल थाना क्षेत्र की तुर्कमान गेट पुलिस चौकी को सूचना मिली कि चितली कबर में एक दुकान पर आधार कार्ड अपडेट करने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी अशोक को रंगे हाथ पकड़ा, जो उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का निवासी है. पूछताछ के दौरान आरोपी अशोक ने अपने दो अन्य साथी सतीश उर्फ जिमी और फिरोज के नाम भी लिए, जो इस रैकेट में सक्रिय रूप से शामिल थे. इसके बाद पुलिस ने सतीश उर्फ जिमी और फिरोज को भी गिरफ्तार कर लिया, जो दिल्ली के उत्तम नगर और दरियागंज से संबंधित हैं.

पुलिस ने की फर्जी दस्तावेज की बरामदगीपुलिस ने जांच के दौरान भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज़ बरामद किए हैं, जिनमें 121 आधार कार्ड, 73 फर्जी पैन कार्ड, 181 वोटर आईडी कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षणिक मार्कशीट और कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज़ शामिल हैं. इसके अलावा, 7 खाली वोटर आईडी कार्ड और 2 अधूरे वोटर आईडी कार्ड भी जब्त किए गए हैं. सबसे अहम बात यह है कि पुलिस ने तीन लैपटॉप और 6 हार्ड डिस्क भी जब्त की हैं, जिनमें दस्तावेज़ संपादन सॉफ्टवेयर और फर्जी दस्तावेज बनाने के टेम्पलेट्स पाए गए हैं.

यह रैकेट समाज के लिए एक बड़ा खतरायह मामला केवल एक धोखाधड़ी रैकेट का खुलासा नहीं करता, बल्कि यह एक गंभीर संकेत भी है कि कैसे फर्जी पहचान दस्तावेज़ तैयार करने वाले लोग सिस्टम को धोखा देकर अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए समाज और राष्ट्र की सुरक्षा से खेल रहे हैं. आधार कार्ड जैसी महत्वपूर्ण पहचान प्रणाली में धोखाधड़ी के कारण न केवल वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा है, बल्कि इससे लोगों की पहचान भी चोरी हो सकती है, जिससे उनके जीवन और संपत्ति को भी खतरा हो सकता है.

पुलिस की कार्रवाई और भविष्य की जांचदिल्ली पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान करने के लिए जांच तेज कर दी है और आरोपी तौसीफ की तलाश भी जारी है. पुलिस ने कहा है कि इस मामले में और भी गंभीर पहलुओं का खुलासा हो सकता है.

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