दिल्ली पुलिस ने 15 लाख की पेंग्विन रैंडम की नकली किताबें की बरामद, 4 आरोपी गिरफ्तार
Delhi News: आरोपी ने खुलासा किया कि कोविड महामारी में हुए घाटे और कर्ज ने उसे नकली किताबें ऑनलाइन बेचने पर मजबूर कर दिया. बरामद की गई किताबों की कीमत 15 लाख रुपये आंकी गई है.

दिल्ली पुलिस ने राजधानी के दरियागंज इलाके में छापा मार कर एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया जो मशहूर अंतरराष्ट्रीय पब्लिशर पेंग्विन रैंडम की नकली किताबों का कारोबार कर रहा था. दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब तीन हजार से भी ज्यादा पायरेटेड किताबें जब्त की जिनकी कीमत 15 लाख रुपए से ज्यादा आंकी गई है. पुलिस ने इस गोरख धंधे से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
दिल्ली पुलिस के मुतबिक पेंग्विन रैंडम हाउस कंपनी ने शिकायत दी कि दरियागंज में उनकी पायरेटेड किताबें बेची जा रही है. इस पर दिल्ली पुलिस ने एक टीम का गठन किया. 22 सितंबर को टीम ने कंपनी के कानूनी प्रतिनिधि के साथ मिलकर कुचा लालमन, सुभाष मार्ग स्थित दुकान पर दबिश दी.
यहां से 758 नकली किताबें मिलीं और आरोपी ओमकार, दीपक और सत्याम को मौके पर पकड़ लिया गया. इसके अगले ही दिन यानी 23 सितंबर को पुलिस ने आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कटरा सुजान राय, दिल्ली गेट स्थित एक और दुकान पर छापा मारा. यहां से 2,475 किताबें जब्त हुईं और आरोपी कुतुबुद्दीन उर्फ चांद को गिरफ्तार किया गया.
पुलिस पूछताछ में खुलासा
दिल्ली पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ओंकार ने बताया कि उसके पिता पहले यह दुकान चलाते थे लेकिन उनके ना रहने के बाद वह अपने भाइयों के इस धंधे में कूद पड़ा. वहीं आरोपी कुतुबुद्दीन ने खुलासा किया कि कोविड महामारी में हुए घाटे और कर्ज ने उसे नकली किताबें ऑनलाइन बेचने पर मजबूर कर दिया. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जिन लोगो को अरेस्ट किया है उनकी पहचान ओमकार कुमार ,दीपक कुमार सत्याम, कुतुबुद्दीन के तौर पर हुई है.
दिल्ली पुलिस की जांच जारी
दिल्ली पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनके इस गैंग में और कितने लोग शामिल है. वही पुलिस इस मामले में आगे की जांच जारी है ताकि इस रैकेट से जुड़े बड़े सप्लायर और अन्य लोगों को भी बेनकाब किया जा सके.






















