राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक सार्वजनिक पार्क अब देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति का प्रतीक बन गया है. उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर रिंग रोड स्थित सद्भावना उद्यान को नया नाम देते हुए अटल बिहारी वाजपेयी सद्भावना उद्यान के रूप में पहचान दी गई है.
 
महात्मा गांधी मार्ग (रिंग रोड) के किनारे स्थित जिस सद्भावना उद्यान को अब तक एक सामान्य पार्क के रूप में जाना जाता था, अब उसकी पहचान औपचारिक रूप से बदल गई है. लगभग 11 एकड़ में फैले इस हरित क्षेत्र को अब अटल बिहारी वाजपेयी सद्भावना उद्यान कहा जाएगा.
 
जन्म शताब्दी से जुड़ा फैसला
 
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर यह निर्णय लिया गया कि राजधानी में मौजूद इस प्रमुख सार्वजनिक स्थल को उनके नाम से समर्पित किया जाए. इसी क्रम में बुधवार को नामकरण की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई.
 
दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ मिलकर पार्क का नया नाम घोषित किया. कार्यक्रम के दौरान इसे पूर्व प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र सेवा के प्रति योगदान से जोड़कर देखा गया.
 
आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित संरचना
 
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह उद्यान केवल हरियाली का क्षेत्र नहीं है. उनके अनुसार यह स्थान अटल बिहारी वाजपेयी की सोच, उनकी भाषा की मर्यादा और सार्वजनिक जीवन की शालीनता को समझने का माध्यम बनेगा, खासकर युवाओं के लिए.
 
इस पार्क को शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है. यहां सुव्यवस्थित लॉन, संगमरमर से बने वॉकिंग ट्रैक, बैठने के लिए छायादार स्थान, खुले मनोरंजन क्षेत्र, बारादरी और सार्वजनिक सुविधाएं मौजूद हैं.
 
भव्य मूर्ति और कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र
 
उद्यान के केंद्र में स्थापित एक विशाल मूर्ति इसकी पहचान बनकर उभरी है. इसमें एक सारथी के साथ पांच सफेद घोड़े दर्शाए गए हैं, जिन्हें नेतृत्व, दिशा और गति का प्रतीक माना जा रहा है. यह संरचना फव्वारों से घिरे जलाशय के बीच स्थापित है. पार्क में प्रसिद्ध मूर्तिकार सुदर्शन साहू द्वारा निर्मित चार यक्षिणी मूर्तियां भी लगाई गई हैं.
 
ये मूर्तियां लॉन के किनारे स्थापित हैं और पूरे परिसर को सांस्कृतिक आयाम देती हैं. इसके अलावा एक क्लॉक टावर का निर्माण कार्य चल रहा है. आने वाले समय मे इस पार्क में पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाए जाने की भी योजन है.
 
आम लोगों को जोड़ने की कोशिश
 
कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रवेश टिकट खरीदकर पार्क में प्रवेश किया. इसके जरिए आम नागरिकों को यह संदेश देने की कोशिश की गई कि यह उद्यान पूरी तरह सार्वजनिक उपयोग के लिए है. यह उद्यान 1.7 किलोमीटर के दायरे में विकसित की जा रही लगभग 35 एकड़ की हरित परियोजना का हिस्सा है. इस शृंखला में पहले ही क्रांति उद्यान को जनता के लिए खोला जा चुका है, जबकि बाकी हिस्सों पर काम जारी है