Delhi News: दिल्ली में और भी सशक्त बनेंगी महिलाएं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की कई बड़ी योजनाओं की शुरुआत
Delhi News In Hindi: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में महिलाओं के विकास के लिए लखपति बिटिया जैसी योजनाएं को महत्वपूर्ण कदम बताया.

दिल्ली में महिला सशक्तिकरण की दिशा में सोमवार का दिन एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में महिलाओं और बेटियों के विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ किया.
इस अवसर पर दिल्ली लखपति बिटिया योजना, सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड और होली-दिवाली पर निशुल्क गैस सिलेंडर योजना जैसी पहलें शुरू की गईं, जबकि लाडली योजना के तहत 40,642 बालिकाओं के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी गई.
महिला सशक्तिकरण की नई पहल का भव्य शुभारंभ
इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं मौजूद रहीं. इस अवसर पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कैबिनेट मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा और डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को औपचारिक रूप से जनता के सामने प्रस्तुत किया गया.
महान महिलाओं के योगदान को किया याद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि ‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’, सहेली स्मार्ट कार्ड और दिल्ली लखपति बिटिया जैसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि ये पहलें महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगी और समृद्ध दिल्ली के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगी.
उन्होंने भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक बताते हुए लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले, रानी गाइडिनल्यू और सरोजिनी नायडू जैसी महान महिलाओं के योगदान को याद किया. राष्ट्रपति ने कहा कि आज महिलाएं सेना, विज्ञान, खेल, राजनीति और व्यापार सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं, लेकिन हिंसा, आर्थिक असमानता और सामाजिक उपेक्षा जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है.
महिला सशक्तिकरण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है जब उन्हें स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता, समान अधिकार, सुरक्षा और शिक्षा का अवसर मिले. उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और मातृत्व से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखाया है.
उन्होंने यह भी कहा कि पंचायती राज संस्थाओं और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाकर देश में वुमेन-लेड डेवलपमेंट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक का कर्तव्य है. बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आत्मविश्वास देना आवश्यक है ताकि वे बिना भय और दबाव के अपने जीवन के निर्णय स्वयं ले सकें.
उन्होंने साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आधी आबादी को सशक्त किए बिना यह लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता. स्त्री और पुरुष को जीवन रूपी रथ के दो पहिए बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों के समान रूप से मजबूत होने पर ही राष्ट्र आगे बढ़ सकता है.
'दिल्ली को बनना होगा वुमेन-लेड डेवलपमेंट का मॉडल'
राष्ट्रपति ने कहा कि देश की राजधानी होने के नाते दिल्ली को महिला नेतृत्व वाले विकास का आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए. उन्होंने सभी नागरिकों से महिला सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और बेटियों को समान अवसर प्रदान करने का आह्वान किया. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार की नई पहलें महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाएंगी और उन्हें जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेंगी.
उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने कहा कि यह कार्यक्रम दिल्ली में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से न केवल महिलाएं बल्कि उनके परिवार भी सशक्त होंगे. उन्होंने ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ को दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण तक समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. उनके अनुसार सशक्तिकरण केवल आर्थिक मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं.
दिल्ली के इतिहास में दर्ज होगा यह दिन- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह केवल योजनाओं का शुभारंभ नहीं, बल्कि नारी सम्मान, आत्मनिर्भरता और विश्वास को मजबूत करने का संकल्प है. उन्होंने कहा कि जब बेटी सशक्त होती है तो परिवार सशक्त होता है और जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत बनते हैं. उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति को देश की बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष और सादगी यह संदेश देता है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती.
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’ अभियान के तहत लंबे समय से लंबित लाडली योजना की राशि लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए गए. पहले चरण में करीब 30 हजार बालिकाओं को 90 करोड़ रुपये भेजे गए और अब 40 हजार से अधिक बेटियों के खातों में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की गई है.
सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड से सुरक्षित और आसान यात्रा
नई ‘लखपति बिटिया योजना’ को पूरी तरह डिजिटल और फेसलेस व्यवस्था के साथ लागू किया गया है. इसके तहत जन्म से लेकर स्नातक तक अलग-अलग चरणों में कुल 61 हजार रुपये जमा किए जाएंगे, जो ब्याज सहित परिपक्व होकर लगभग सवा लाख रुपये हो जाएंगे. इस योजना के लिए बजट में 128 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार चाइल्ड केयर संस्थानों में रहने वाली बालिकाओं को भी इस योजना में शामिल करेगी, ताकि कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे.
मुख्यमंत्री ने ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ को महिलाओं की यात्रा सुविधा के साथ-साथ गरिमा से जोड़ते हुए इसे ‘डिग्निटी कार्ड’ बताया. यह कार्ड डीटीसी बसों के साथ अन्य सार्वजनिक परिवहन में भी उपयोगी होगा और महिलाओं को सुरक्षित व स्वतंत्र आवाजाही का अवसर देगा.
होली और दिवाली पर मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर
सरकार ने रसोई से जुड़ी आर्थिक राहत के लिए होली और दिवाली पर पात्र महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर देने की योजना भी शुरू की है. इसके तहत करीब 130 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे महिलाओं के खातों में भेजी गई है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को जन्म से सुरक्षा, शिक्षा में निवेश, यात्रा में स्वतंत्रता और घरेलू जीवन में राहत के समग्र ढांचे के रूप में देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही ‘सशक्त नारी से समृद्ध दिल्ली’ और ‘समृद्ध दिल्ली से विकसित भारत’ का मार्ग प्रशस्त होगा. इस मौके पर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और होली की शुभकामनाएं देते हुए दिल्ली की सभी माताओं, बहनों और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
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Source: IOCL


























