दिल्ली: जमीन नहीं फिर भी बेच दिए प्लॉट, करोड़ों की ठगी करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार
Delhi News In Hindi: EOW ने रियल एस्टेट घोटाले में सालों से फरार चल रहे घोषित अपराधी शिव नंदन सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया है. वह 7 सालों से पुलिस को चकमा दे रहा था.

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने रियल एस्टेट घोटाले में सालों से फरार चल रहे घोषित अपराधी शिव नंदन सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी साल 2019 से कानून की गिरफ्त से बचता फिर रहा था और वर्ष 2023 में अदालत ने उसे घोषित अपराधी करार दिया था.
कृष्ण कुंज टाउनशिप के नाम पर बुना गया ठगी का जाल
दिल्ली पुलिस की जांच के मुताबिक, आरोपियों ने ग्लोब रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड के जरिए साल 2013 में हरियाणा के ग्रेटर फरीदाबाद के तिलोरी खादर गांव में कृष्ण कुंज टाउनशिप नाम से आवासीय परियोजना लॉन्च की थी. लोगों को आधुनिक सुविधाओं से लैस विकसित कॉलोनी का सपना दिखाया गया और आकर्षक विज्ञापनों के जरिए निवेश के लिए प्रेरित किया गया.
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आरोपी का 496 प्लॉट बेचने का दावा, जमीन ही नहीं थी पर्याप्त
कंपनी ने करीब 10.26 एकड़ भूमि पर 496 रिहायशी प्लॉट विकसित करने का दावा किया था, लेकिन जांच में सामने आया कि परियोजना के लिए आवश्यक वैध और पर्याप्त जमीन कंपनी के पास थी ही नहीं. इसके बावजूद लोगों से प्लॉट बुकिंग के नाम पर बड़ी रकम वसूली जाती रही.
पैसा लिया, प्लॉट नहीं दिए, निवेशकों को लगा करोड़ों का चूना
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कंपनी और उसके निदेशकों ने निवेशकों को झूठे आश्वासन देकर उनकी मेहनत की कमाई हासिल की. करोड़ों रुपये जुटाने के बाद न तो प्लॉट सौंपे गए और न ही परियोजना को पूरा किया गया. इससे बड़ी संख्या में निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा.
पीड़ितों की शिकायत पर दर्ज हुईं 9 एफआईआर
मामले की गंभीरता को देखते हुए साल 2019 में कड़कड़डूमा कोर्ट के आदेश पर अलग-अलग पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर कुल 9 एफआईआर दर्ज की गई थीं. जांच में सभी मामलों में एक समान साजिश और एक ही कंपनी की भूमिका सामने आई थी.
7 साल तक पुलिस को चकमा देता रहा आरोपी
मुख्य आरोपी शिव नंदन सिंह यादव गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा. कई बार छापेमारी के बावजूद वह पुलिस के हाथ नहीं लगा. लंबे समय तक फरार रहने के कारण अदालत ने उसे सभी मामलों में घोषित अपराधी घोषित कर दिया था.
EOW की टीम ने आरोपी की तलाश में लगातार प्रयास जारी रखे. तकनीकी विश्लेषण, निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस को उसके फरीदाबाद में छिपे होने की जानकारी मिली. इसके बाद विशेष टीम ने 12 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया.
ठगी का और बढ़ सकता है दायरा
दिल्ली पुलिस के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी जांच में बड़ी सफलता है. अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस घोटाले में कितने और लोग शिकार हुए ठगी की कुल रकम कितनी है और आरोपियों ने अवैध कमाई को कहां-कहां निवेश किया. मामले में आगे की जांच जारी है.























