Delhi Crime News: दिल्ली में संपत्ति के विवाद ने दो भाइयों को एक दूसरे का दुश्मन बना दिया. बड़े भाई ने को गोली मार कर छोटे भाई की हत्या कर दी. घटना सोमवार रात द्वारका इलाके के मटियाला गांव में हुई. पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को वारदात के 48 घंटों में धर दबोचा.
आरोपियों की पहचान 41 वर्षीय रविंदर कुमार उर्फ लोका, 44 वर्षीय सतेंद्र सिलोटिया उर्फ पिंटू उर्फ छोटा हाथी, 26 वर्षीय जाहिद और 23 वर्षीय अवनीश के रूप में हुई है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल हुंडई एक्सेंट कार, 02 देसी कट्टा, 04 जिंदा और 01 खाली कारतूस भी बरामद किया है.
डीसीपी द्वारका अंकित सिंह ने बताया कि 10 फरवरी की रात 10 बजे पुलिस को सूचना मिली कि 35 वर्षीय धर्मेंद्र दलाल नामक शख्स की घर के पीछे गोली मार कर हत्या दी गई है. मौके पर पहुंची पुलिस को धर्मेंद्र के सिर में गोली मारे जाने का पता चला. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की धर पकड़ के लिए कई टीमों का गठन किया. जिले की स्पेशल स्टाफ पुलिस को भी जांच में लगाया गया. टीम में एसीपी ऑपरेशन राम अवतार, स्पेशल स्टाफ के इंजार्च इंस्पेक्टर विश्वेंद्र, एसआई राकेश, एसआई जयवीर, हेड कांस्टेबल देव कुमार, संदीप और कुलदीप को शामिल किया गया.
संपत्ति विवाद में छोटे भाई की हत्या
जांच में टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली गई. घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज का भी विश्लेषण किया गया. विश्लेषण के दौरान सीसीटीवी में तीन संदिग्ध तेजी से भागते हुए दिखे. एक की पहचान मृतक के बड़े भाई रविंदर की हुई. रविंदर के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की गई. जांच से वारदात में चार लोगों के शामिल होने का पता चला. पुलिस को जानकारी मिली कि सभी आरोपी भाग कर गाजियाबाद के मोदीनगर चले गए हैं. जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने ताबड़तोड़ रेड डाल कर चारों को विजयनगर, मोदीनगर से गिरफ्तार कर लिया.
मुख्य आरोपी समेत चार गिरफ्तार
आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल दो देसी कट्टे, चार जिंदा कारतूस, एक खाली कारतूस और कार भी बरामद किया गया. मुख्य आरोपी रविंदर ने पूछताछ में बताया कि छोटे भाई धर्मेंद्र से संपत्ति और किराए की आमदनी के के बंटवारे का विवाद चल रहा था.
हिस्सा मांगने पर धर्मेंद्र से धमकी मिल रही थी. बड़े भाई ने छोटे भाई को ठिकाने लगाने की साजिश रची. धर्मेंद्र की हत्या के लिए रविंदर ने तीन दोस्त सतेंद्र, जाहिद और अवनीश की मदद ली. जाहिद ने हथियार उपलब्ध कराया. सभी आरोपी 8 फरवरी को सतेंद्र उर्फ पिंटू की कार से दिल्ली पहुंचे. 10 फरवरी को मौका पाकर उन्होंने धर्मेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से आरोपी फरार हो गए.
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