दिल्ली: MCD प्रॉपर्टी टैक्स में नया रिकॉर्ड बनाने की दहलीज पर, 3200 करोड़ रुपये का टारगेट
Delhi News: नवंबर 2025 तक एमसीडी प्रोपर्टी टैक्स के रूप में 2410 करोड़ रुपये की रिकवरी कर चुका है, जबकि वित्तीय वर्ष 31 मार्च 2025 को समाप्त होना है और अभी लगभग चार महीने बाकी हैं.

दिल्ली नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स विभाग चालू वित्तीय वर्ष में अब तक की सबसे बड़ी टैक्स रिकवरी की ओर तेजी से बढ़ रहा है. आंकड़े बताते हैं कि तय लक्ष्य के मुकाबले विभाग पहले ही मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है. एमसीडी का प्रॉपर्टी टैक्स विभाग इस वर्ष नया रिकॉर्ड बना सकता है. वर्ष 2022-23 में विभाग ने 2400 करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी की थी.
रिकॉर्ड रिकवरी की ओर बढ़ता विभाग
नवंबर 2025 तक एमसीडी 2410 करोड़ रुपये की रिकवरी कर चुका है, जबकि वित्तीय वर्ष 31 मार्च 2025 को समाप्त होना है और अभी लगभग चार महीने बाकी हैं. विभागीय सूत्रों के अनुसार इस बार प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी का लक्ष्य 3200 करोड़ रुपये तय किया गया है. इसी वजह से इस साल रिकॉर्ड बनने की पूरी संभावना जताई जा रही है.
आय के साधन बढ़ाने के निर्देश
एमसीडी कमिश्नर अश्विनी कुमार ने सभी संबंधित विभागों को आय के साधन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. इसमें प्रॉपर्टी टैक्स विभाग को विशेष रूप से शामिल किया गया है. कमिश्नर का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स एमसीडी की आय का सबसे बड़ा माध्यम है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष शुरू की गई सूनिया योजना से विभाग को बड़ा लाभ मिला है.
सूनिया योजना से सैकड़ों करोड़ का फायदा
सूनिया योजना के तहत अब तक करीब 1.60 हजार प्रॉपर्टी मालिकों ने अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराया है. इस योजना के जरिए एमसीडी को लगभग 250 से 300 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है. विभाग का कहना है कि यह योजना अभी भी जारी है और आने वाले महीनों में इससे और अधिक टैक्स कलेक्शन की उम्मीद है.
लाखों प्रॉपर्टी मालिकों पर अभी भी बकाया
प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अभी 2.50 से 3 लाख प्रॉपर्टी मालिकों ने अपना टैक्स जमा नहीं कराया है. यदि सभी बकायेदार टैक्स जमा कर देते हैं तो विभाग को अतिरिक्त 500 से 600 करोड़ रुपये की आमदनी हो सकती है. अधिकारियों का कहना है कि खासकर सरकारी प्रॉपर्टीज से टैक्स आमतौर पर 31 मार्च के आसपास ही मिलता है.
एसएमएस अभियान से बढ़ेगी रिकवरी
अधिक से अधिक टैक्स रिकवरी के उद्देश्य से प्रॉपर्टी टैक्स विभाग 15 दिसंबर के आसपास प्रॉपर्टी मालिकों को एसएमएस भेजने का अभियान शुरू करने जा रहा है. विभाग को उम्मीद है कि इस कदम से बकाया टैक्स जमा कराने वालों की संख्या में तेजी आएगी.
साल दर साल रिकवर किए गए प्रॉपर्टी टैक्स के आंकड़े
- वर्ष 2018-19 में 1861 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई.
- वर्ष 2019-20 में 1583 करोड़ रुपये का टैक्स वसूला गया.
- वर्ष 2020-21 में रिकवरी बढ़कर 1836 करोड़ रुपये पहुंची.
- वर्ष 2021-22 में यह आंकड़ा 2037 करोड़ रुपये रहा.
- वर्ष 2022-23 में विभाग ने 2402 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड रिकवरी की.
- वर्ष 2023-24 में 2137 करोड़ रुपये का टैक्स वसूला गया.
- वर्ष 2024-25 में अब तक 2400 करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी हो चुकी है.
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Source: IOCL


























