दिल्ली: मंगोलपुरी में 10वीं के छात्र की हत्या, सिर में फंसा चाकू, 40 दिन में 5वीं वारदात
Delhi Crime News: दिल्ली के मंगोलपुरी में 10वीं के एक छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. छात्र परीक्षा देने जा रहा था. पिछले 40 दिनों में दिल्ली में चाकू से हत्या की यह पांचवीं वारदात है.

दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके से दहशतगर्दी की एक खौफनाक तस्वीर सामने आई है. यहां पर 10वीं में पढ़ रहे एक छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. वारदात इतनी वीभत्स है कि जिसने देखा उसकी रूह कांप गई. छात्र के सिर में चाकू फंसा हुआ था.
बताया जा रहा है कि छात्र सुबह अपने घर से 10वीं के प्री-बोर्ड का एग्जाम देने स्कूल के लिए निकला था. परिवार वालों का कहना है कि वह अच्छा स्टूडेंट था और एग्जाम के लिए घर से निकला था. छात्र की उम्र करीब 15-16 साल की है.
40 दिन में पांचवीं वारदात
अस्पताल में परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई है और हंगामे की आशंका के चलते पुलिस की टीम भी वहां पहुंच गई है. यह दिल्ली में बीते 40 दिन में पांचवीं वारदात है, जिसमें चाकू से हत्या की गई है. इन वारदातों में एक नाबालिग समेत चार लोगों की जान गई है, जिससे दिल्ली की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है.
मोती नगर में नवीं के छात्र को चाकू से मारा
इससे पहले रविवार (8 फरवरी) की शाम को दिल्ली के मोतीनगर इलाके में नवीं के छात्र पर चाकू से हमले की वारदात को अंजाम दिया गया. छात्र की मौत हो गई है. उसके सीने और पीठ पर चाकू के घाव मिले थे, जबकि एक 25 वर्षीय युवक बुरी तरह से घायल हुआ है. मृतक बच्चे के परिजनों ने पुलिस को बताया था कि छात्र पढ़ाई में अच्छा था और किसी के साथ ऐसी लड़ाई नहीं करता था, जिसका अंजाम इतना भयंकर हो. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है.
मयूर विहार में डिलीवरी बॉय की चाकू मारकर हत्या
आज से करीब एक सप्ताह पहले दिल्ली के मयूर विहार इलाके से भी चाकूबाजी में हत्या की खबर आई थी. यहां के आचार्य निकेतन में एक डिलीवरी बॉय की नाबालिगों से बहस हो गई थी, जिसके बाद आरोपी नाबालिग लड़कों ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसे बुरी तरह से घायल कर दिया और उसकी मौत हो गई.
दिल्ली में चाकूबाजी और गोलीबारी की वारदातें लगभग हर रोज ही रिपोर्ट की जा रही हैं. इससे दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और कानून की सख्ती पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























