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Delhi News: दिल्ली में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विशेष अभियान शुरू, सांसद बांसुरी स्वराज ने जारी किया नंबर
Delhi News In hindi: दिल्ली में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रचार हेतु विशेष अभियान शुरू हुआ है. सांसद ने मिस्ड कॉल नंबर (9667173333) जारी कर लोगों से विधेयक का समर्थन करने की अपील की.

दिल्ली में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विशेष अभियान शुरू
Source : अभिषेक नयन
दिल्ली में आज एक अहम राजनीतिक पहल के तहत नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रचार को गति देने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई. इस पहल के जरिए आम लोगों को सीधे जोड़ने का प्रयास किया गया है ताकि महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत बनाया जा सके. इस अभियान में एक मिस्ड कॉल नंबर जारी कर लोगों से समर्थन देने की अपील की गई है.
सांसद कमलजीत सहरावत और सांसद बांसुरी स्वराज ने संयुक्त प्रेसवार्ता में 9667173333 नंबर जारी करते हुए लोगों से अपील की कि वे इस पर मिस्ड कॉल देकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में अपनी सहमति दर्ज कराएं. इसके साथ ही नारीशक्तिवंदन हैशटैग भी लॉन्च किया गया ताकि यह अभियान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी व्यापक रूप से फैल सके.
पार्टी पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन
इस प्रेसवार्ता का संयोजन प्रदेश प्रवक्ता न्योमा गुप्ता ने किया. कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष योगिता सिंह, महिला मोर्चा प्रभारी श्यामबाला, मोर्चा महामंत्री प्रियल भारद्वाज और वैशाली पोद्दार भी मौजूद रहीं. सभी ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प जताया.
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर
कमलजीत सहरावत ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे को साकार करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया. उन्होंने बताया कि आज महिलाएं नेवी, एयरफोर्स और अन्य क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और अब देश ‘वुमेन लेड डेवलपमेंट’ की दिशा में आगे बढ़ चुका है.
सहरावत ने जानकारी दी कि 16, 17 और 18 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाया गया है ताकि इस विधेयक को जल्द से जल्द लागू किया जा सके. उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी राजनीतिक दल इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि संसद में महिलाओं की भागीदारी 13.63 फीसदी से बढ़कर 33 फीसदी होने से सामाजिक बदलाव की नई तस्वीर सामने आएगी.
संस्कृति में समानता, राजनीति में अभी भी कमी
बांसुरी स्वराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में अर्धनारेश्वर की अवधारणा समानता को दर्शाती है, लेकिन राजनीति में यह संतुलन अभी नहीं दिखता. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2024 के चुनाव में महिलाओं का वोट प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा, फिर भी संसद में उनका प्रतिनिधित्व काफी कम है.
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए निर्णायक कदम
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किया गया और अब लक्ष्य है कि 2029 तक संसद में महिलाओं की हिस्सेदारी 33 फीसदी तक पहुंचे. उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर उठकर समर्थन दें.
प्रदेश प्रवक्ता न्योमा गुप्ता ने कहा कि 16 से 18 अप्रैल का संसदीय सत्र बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है. यह तय करेगा कि दशकों पुराना संवैधानिक वादा पूरा होगा या नहीं. उन्होंने कहा कि इस कानून को 2029 के चुनाव से पहले लागू करना जरूरी है ताकि इसे और आगे न टाला जाए.
विपक्ष से भी समर्थन की उम्मीद
न्योमा गुप्ता ने कहा कि इस लंबे इंतजार को खत्म करना पहले भी विपक्ष की प्रमुख मांग रही है. ऐसे में उम्मीद है कि सभी दल इस बार मिलकर महिलाओं के सशक्तिकरण के इस कदम का समर्थन करेंगे और देश को एक नई दिशा देंगे.
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Source: IOCL



























