तेज रफ्तार कार ने छीनी एक और जिंदगी! 'ये जर्मनी नहीं दिल्ली है' 6 साल की मासूम को खोने पर बोले परिजन
Dalhi News: जनकपुरी फायर स्टेशन के पास एक तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा पलट गया और दोनों सड़क पर जा गिरे. हादसे में बच्ची की मौत हो गई.

दिल्ली में तेज रफ्तार कार अब मौत का दूसरा नाम बन चुकी है! हर हफ्ते, हर दिन कोई न कोई मासूम या युवा इनकी भेंट चढ़ रहा है. अब ताजा मामला दिल्ली के जनकपुरी से आया है, जहां 17 फरवरी 2026 की सुबह करीब 7:40 बजे एक 6 साल की नन्ही बच्ची अपनी नानी मर्सी जेवियर (57 साल) के साथ ई-रिक्शा में बैठकर जा रही थी.
जनकपुरी फायर स्टेशन के पास एक तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा पलट गया और दोनों सड़क पर जा गिरे. छोटी बच्ची को सिर और शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं. उसे तुरंत माता चानन देवी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उसने दम तोड़ दिया. नानी घायल हुईं, लेकिन अब उनकी हालत स्थिर है.
मदद मांगी तो तुरंत कार लेकर भाग गया- मृतक की मां
एबीपी न्यूज से बात करते हुए मृतक 6 साल की बच्ची प्रेक्षेल की मां और नानी ने बताया कि हम अपने घर से निकले थे और एक 16 साल का रिक्शावाला था. उसने कहा कि वह हमें स्कूल पहुंचा देगा. रिक्शावाला बहुत आराम से चला रहा था, लेकिन अचानक एक व्हाइट तेज रफ्तार कार ने हमारे रिक्शा को टक्कर मार दी. इसके बाद प्रेक्षेल, मैं और रिक्शावाला तीनों गिर गए. प्रेक्षेल जमीन पर गिरी थी और मेरे हाथ में पूरा खून लग गया. मुझे भी चोट आई थी, जिससे मुझे उठने में दिक्कत हुई. मेरे सामने एक व्हाइट कार खड़ी थी, तो मैंने उनसे कहा कि मेरे बच्चे को कार में लेकर अस्पताल चलो, लेकिन वह तुरंत कार लेकर भाग गया.
आगे प्रेक्षेल की मां सौम्या ने बताया कि मैं मैक्स हॉस्पिटल में नर्स हूं. हमारे मैक्स द्वारका के स्टाफ नाइट ड्यूटी खत्म करके जा रहे थे, तो उन्होंने मुझे बताया कि एक रिक्शा पलटा हुआ है और एक आंटी सब से मदद मांग रही हैं. तीन-चार गाड़ियों को रोका गया, लेकिन किसी ने नहीं रोका. मम्मी ने मुझे बताया कि बच्चे को ज्यादा चोट लगी है, हॉस्पिटल आ जाओ. मेरी मम्मी ने जिस कार वाले से मदद मांगी थी, उन्हें यह नहीं पता था कि यही वही कार वाला है जिसने टक्कर मारी है. जब उससे मदद मांगी गई तो वह अपनी गाड़ी लेकर भाग गया. यह एक्सीडेंट 17 फरवरी की सुबह 7:45 बजे हुआ था. पुलिस की FIR मिली है, लेकिन हमने साइन नहीं किया है.
सरकार को हार्श ड्राइविंग पर कंट्रोल करना चाहिए- मृतक की नानी
प्रेक्षेल की नानी ने कहा कि मेरा बेटा जर्मनी से आया है. उसने यह एक्सीडेंट सुनकर कहा कि यहां कैसे गाड़ी चलाते हैं, इधर-उधर कहीं भी चले जाते हैं. जर्मनी में देखो, कितने अच्छे से चलते हैं. तो मैंने कहा कि वह जर्मनी है, दिल्ली में तो कोई कंट्रोल नहीं है. कभी भी किसी की मौत हो सकती है. सरकार को हार्श ड्राइविंग पर कंट्रोल करना चाहिए. जो तेज गाड़ी अपने लिए चला रहा है, वह किसी और का नुकसान न करें. आज हमारा बच्चा चला गया, वह हमारे पास नहीं है. अभी उसका फ्यूनरल करके हम आए हैं. हमें दिल्ली की सड़कों पर अब बाहर निकलने से डर लगता है.
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Source: IOCL

























