Delhi News: लुटियंस दिल्ली में पोलो ग्राउंड खाली कराने के नोटिस पर HC सख्त, कहा- 'दिल्ली का दम घुट जाएगा'
Delhi News In Hindi: केंद्र सरकार द्वारा लुटियंस दिल्ली स्थित इंडियन पोलो एसोसिएशन के मैदान को अपने कब्जे में लेने पर हाईकोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाते हुए कहा कि दिल्ली का दम घुट जाएगा.

राष्ट्रीय राजधानी की बची-खुची हरियाली को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर इसी तरह खुले और हरे-भरे क्षेत्रों को खत्म किया गया तो दिल्ली का दम घुट जाएगा. मामला लुटियंस दिल्ली स्थित ऐतिहासिक इंडियन पोलो एसोसिएशन के मैदान और अन्य प्रमुख संपत्तियों को केंद्र सरकार द्वारा अपने कब्जे में लेने से जुड़ा है. सरकार ने दावा किया है कि इन जमीनों की जरूरत रक्षा ढांचे को मजबूत करने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्यों के लिए है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार
दिल्ली हाई कोर्ट में मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने राजधानी में लगातार घटते हरित क्षेत्रों पर गंभीर चिंता जताई. अदालत ने कहा कि दिल्ली पहले ही प्रदूषण और भीड़भाड़ की मार झेल रही है और अब एनडीएमसी इलाके में बची हुई थोड़ी-बहुत खुली जगह भी खत्म की जा रही है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा दिल्ली का दम घुट जाएगा. अगर आप इसी तरह दिल्ली को चलाना चाहते हैं तो भगवान ही हम सबकी रक्षा करे.
हाईकोर्ट ने यह सवाल भी उठाया कि क्या सरकार इस इलाके में ऊंची-ऊंची इमारतें बनाने की योजना बना रही है. अदालत ने कहा एनडीएमसी क्षेत्र में लोगों को सांस लेने के लिए जो थोड़ी खुली जगह मिलती है, वह भी खत्म होती जा रही है. ऐसे में हम सभी का दम घुटने लगेगा.
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134 साल पुरानी संस्था को खाली करने का नोटिस
इंडियन पोलो एसोसिएशन, जिसकी स्थापना 1892 में हुई थी उसको हाल ही में बेदखली का नोटिस मिला है. यह मैदान प्रधानमंत्री आवास के सामने स्थित है. इसके खिलाफ एसोसिएशन ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हालकि दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए निचली अदालत को निर्देश दिया कि वह बेदखली नोटिस पर रोक लगाने की मांग पर जल्द फैसला करे. इस मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होने की संभावना है.
केंद्र सरकार का कहाना सुरक्षा और प्रशासनिक जरूरतें बेहद जरूरी
दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि जमीन की आवश्यकता सार्वजनिक हित, प्रशासनिक कार्यों और रक्षा संबंधी जरूरतों के लिए है. उन्होंने कहा कि सेंट्रल दिल्ली में मौजूद जमीन सीमित हैलेकिन सरकार के महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन भी इसी क्षेत्र से करना पड़ता है.
जिम खाना क्लब को लेकर भी मामला पहुंचा था कोर्ट
गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन को लेकर भी ऐसा ही विवाद सामने आया था. सरकार ने वहां की जमीन को भी सार्वजनिक और प्रशासनिक जरूरतों के लिए जरूरी बताया था. फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट ने IPA की याचिका का निपटारा करते हुए निचली अदालत को बेदखली नोटिस पर रोक लगाने की मांग पर जल्द फैसला करने का निर्देश दिया है
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