देश की राजधानी दिल्ली के अति सुरक्षित और पॉश इलाके 'गोल्फ लिंक' में हुई सनसनीखेज डकैती का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. तुगलक रोड थाना पुलिस की टीम ने इस मामले को सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरी डकैती का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि घर का नौकर ही था, जिसे महज कुछ दिन पहले ही काम पर रखा गया था.

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4 दिन पहले रखे नौकर ने दिया धोखा

जानकारी के अनुसार, 17 अप्रैल 2026 की रात करीब 8:30 बजे पुलिस को पीसीआर (PCR) कॉल के जरिए गोल्फ लिंक इलाके में डकैती की सूचना मिली थी. पुलिस की पूछताछ में शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके घरेलू नौकर सुशील ने ही इस वारदात को अंजाम दिलवाया है. सुशील को सिर्फ 4-5 दिन पहले ही काम पर रखा गया था. घटना की रात सुशील ने ही घर का मुख्य गेट खोलकर अपने 5-6 साथियों को अंदर बुला लिया. इसके बाद सभी आरोपियों ने घर में मौजूद लोगों को धमकाया और गहने, नकदी व अन्य कीमती सामान लूटकर फरार हो गए.

CCTV और अर्टिगा कार से खुला राज

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कई विशेष टीमों का गठन किया. पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और तकनीकी सर्विलांस (Technical Surveillance) की मदद से आरोपियों के भागने के रास्तों को ट्रेस किया. जांच में पता चला कि वारदात के बाद आरोपी एक मारुति सुजुकी अर्टिगा टैक्सी में बैठकर फरार हुए थे.

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मुंबई और यूपी में दबिश, 3 कुख्यात अरेस्ट

लोकेशन ट्रेस होने के बाद पुलिस टीम ने मुंबई में छापेमारी की और वहां से दो मुख्य आरोपियों- गुड्डू कुमार कामत उर्फ राजू और रमण कामत को गिरफ्तार कर लिया. वहीं, एक अन्य टीम ने उत्तर प्रदेश में दबिश देकर अमित सिंह उर्फ गब्बर नाम के तीसरे आरोपी को धर दबोचा.

आरोपियों का है पुराना आपराधिक इतिहास

  • गुड्डू और रमण: ये दोनों आरोपी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और इससे पहले भी लूट व डकैती के कई गंभीर मामलों में शामिल रहे हैं.
  • अमित सिंह: यह दिल्ली का ही रहने वाला है और इसका लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है. उस पर पहले से ही 19 आपराधिक केस दर्ज हैं. पुलिस के मुताबिक, अमित इस गैंग को 'लॉजिस्टिक सपोर्ट' (वाहन और अन्य सुविधाएं) मुहैया कराता था.

फिलहाल पुलिस मास्टरमाइंड नौकर सुशील और अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है.

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