दिल्ली के आउटर और नॉर्थ-वेस्ट इलाकों से हरियाणा की सीमा की ओर रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी का दायरा बढ़ने वाला है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने फेज-4 के रिठाला-कुंडली कॉरिडोर को आगे बढ़ाते हुए इसका दूसरा टेंडर जारी कर दिया है. इस परियोजना के पूरा होने के बाद गाजियाबाद से दिल्ली होते हुए कुंडली तक मेट्रो से सीधा सफर संभव हो सकेगा.

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दूसरे टेंडर के तहत रिठाला से बवाना इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर-1/2 के बीच एलिवेटेड मेट्रो लाइन तैयार की जाएगी. इस हिस्से में दिल्ली का चौथा डबल डेकर कॉरिडोर भी आकार लेगा. यानी एक ही मार्ग पर अलग-अलग स्तरों पर सड़क, वाहनों के लिए फ्लाईओवर और सबसे ऊपर मेट्रो ट्रैक होगा.

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NH-344P के ऊपर दिखेगा डबल डेकर कॉरिडोर

प्रस्तावित डबल डेकर कॉरिडोर रोहिणी सेक्टर-34 से बवाना इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर-1/2 के बीच NH-344P के ऊपर बनाया जाएगा. इस हिस्से की लंबाई करीब 1.300 किलोमीटर होगी. इससे सीमित जगह में सड़क और मेट्रो दोनों बुनियादी ढांचे को विकसित करने में मदद मिलेगी.

इन 10 नए स्टेशनों से जुड़ेगा इलाका

रिठाला-कुंडली कॉरिडोर में यात्रियों को कई नए मेट्रो स्टेशन मिलने वाले हैं. प्रस्तावित 10 स्टेशन इस प्रकार हैं.रोहिणी सेक्टर-25.रोहिणी सेक्टर-26.रोहिणी सेक्टर-31.रोहिणी सेक्टर-28.रोहिणी सेक्टर-29/30.रोहिणी सेक्टर-35.बरवाला.रोहिणी सेक्टर-34.बवाना औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-3/4.बवाना औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-1/2.

दिल्ली में तीन और जगह बन रहे डबल डेकर कॉरिडोर

दिल्ली में डबल डेकर कॉरिडोर की यह पहली परियोजना नहीं है. मजलिस पार्क-मौजपुर कॉरिडोर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और फिलहाल रैंप का काम बाकी है, जिसे इस साल के अंत तक पूरा किए जाने की बात है. इसके अलावा संगम विहार-खानपुर के बीच गोल्डन/सिल्वर लाइन के हिस्से में महरौली-बदरपुर रोड पर डबल डेकर कॉरिडोर का निर्माण तेजी से चल रहा है. आनंद विहार-डेरावल नगर और जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम वाले हिस्से में भी निर्माण कार्य जारी है.

रिठाला-कुंडली कॉरिडोर मौजूदा रेड लाइन का विस्तार है. वर्तमान में रेड लाइन शहीद स्थल न्यू बस अड्डा, गाजियाबाद से रिठाला तक संचालित होती है. इसके आगे बनने वाला नया कॉरिडोर 26.46 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें कुल 21 स्टेशन होंगे.

करीब 6230 करोड़ रुपये की परियोजना

इस मेट्रो विस्तार परियोजना पर करीब 6230 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. परियोजना के 2029 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद गाजियाबाद से दिल्ली होते हुए हरियाणा के कुंडली तक मेट्रो नेटवर्क एक निरंतर कनेक्टिविटी उपलब्ध करा सकेगा.

गाजियाबाद से कुंडली तक आसान होगा सफर

कॉरिडोर के पूरा होने पर यात्रियों को गाजियाबाद से दिल्ली के आउटर और नॉर्थ-वेस्ट हिस्सों को पार करते हुए कुंडली तक पहुंचने के लिए बेहतर मेट्रो संपर्क मिलेगा. खास तौर पर रिठाला, रोहिणी और बवाना से जुड़े इलाकों में रहने वाले यात्रियों के लिए यह विस्तार महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी उपलब्ध करा सकता है.

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