दिल्ली में सस्ती नकली किताबें बेचकर मोटा मुनाफा कमाने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस कार्रवाई में 20 हजार से ज्यादा पाइरेटेड किताबें जब्त की हैं और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. पकड़ा गया आरोपी ज्वाला प्रसाद सोनी रोहिणी इलाके का रहने वाला है और लंबे समय से यह अवैध धंधा चला रहा था.
मामले की शुरुआत 14 मार्च 2026 को हुई, जब क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल को नकली किताबों की छपाई और बिक्री की शिकायत मिली. शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी और खुफिया जानकारी जुटानी शुरू की.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रोहिणी सेक्टर-16 में एक जगह से नकली किताबों का बड़ा कारोबार चल रहा है. इसके बाद टीम ने वहां छापा मारा और मौके से 8,593 पाइरेटेड किताबें बरामद कीं.
दूसरी रेड में मिला भारी स्टॉक
पहली कार्रवाई के बाद पुलिस को पास के ही एक और ठिकाने की जानकारी मिली. पुलिस ने बिना देर किए वहां भी छापा मारा. इस दूसरी रेड में 11,544 और नकली किताबें बरामद हुईं. दोनों जगहों से मिली किताबों को जोड़ें तो कुल 20,137 पाइरेटेड किताबें जब्त की गईं, जो इस पूरे मामले की गंभीरता को दिखाती हैं.
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मशहूर पब्लिशिंग कंपनी पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की कॉपीराइट वाली किताबों की अवैध छपाई कर रहा था. इन किताबों को बिना अनुमति छापकर बाजार में सस्ते दामों पर बेचा जाता था, जिससे असली प्रकाशकों और लेखकों को भारी नुकसान हो रहा था.
पूछताछ में गुमराह करने की कोशिश
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की. उसने किताबों की छपाई के स्रोत को लेकर गलत जानकारी दी, लेकिन सख्ती से पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद सच्चाई सामने आ गई.
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस आनंद पर्वत इंडस्ट्रियल एरिया पहुंची, जहां एक अवैध प्रिंटिंग सेटअप चल रहा था. यहां से 2 प्रिंटिंग मशीनें, 4 किताबों के नेगेटिव और 12 प्रिंटिंग प्लेट्स बरामद की गईं. इन्हीं मशीनों की मदद से कॉपीराइट वाली किताबों की अवैध छपाई की जा रही थी.
जांच में यह भी सामने आया कि ज्वाला प्रसाद पहले भी इसी तरह के मामले में पकड़ा जा चुका है. साल 2011 में उसके खिलाफ कॉपीराइट कानून की धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था.
पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क हो सकता है. फिलहाल पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है.
