Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे कई सीटों पर सियासी हलचल तेज हो रही है. जिसमें मुस्लिम बहुल सीट ओखला भी काफी सुर्खियां बटोर रहा है. बीते गुरुवार को जहां एक तरफ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ दिल्ली के दंगल में आम आदमी पार्टी को निशाने पर लिया. वहीं दूसरी तरफ असदुद्दीन ओवैसी ओखला में AIMIM उम्मीदवार शफा उर रहमान के लिए लोगों से समर्थन मांगा. हालांकि, शफा उर रहमान दिल्ली दंगों के आरोप में जेल में बंद हैं और जनता के बीच उनकी पत्नी मोर्चा संभाल रही हैं.

बता दें ओखला एक मुस्लिम बहुल सीट है और इस विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी ने अपने दो बार के मौजूदा विधायक अमानतउल्लाह खान को उम्मीदवार बनाया है. जबिक कांग्रेस ने ओखला के शाहीनबाग वार्ड से अपनी पार्षद और आसिफ मोहम्मद खान की बेटी अरीबा खान को उम्मीदवार बनाया है. अरीबा खान के पिता आसिफ मोहम्मद खान ओखला से विधायक रह चुके हैं और इलाके में लोगों के बीच अच्छी रखते हैं.

ओखला में त्रिकोणीय हुआ मुकाबलाइसके अलावा एआईएमआईएम ने शफा उर रहमान को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो दिल्ली दंगों के आरोप में जेल में बंद हैं. वहीं बीजेपी ने मनीष चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है. ओखला मुस्लिम बहुल सीट है, जिसपर तकरीबन 50% से ज्यादा मुस्लिम वोटर्स हैं और यही वजह है कि मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट करने के लिए सभी पार्टी के उम्मीदवार पूरी कोशिश कर रहे हैं. खास बात यह है कि यहां मुकाबला आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच देखने को मिलता है, लेकिन इसबार एआईएमआईएम ने उम्मीदवार उतारकर मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है.

ओखला के लोगों ने क्या कहा?एबीपी न्यूज ने ओखला में लोगों से बातचीत कि तो पता चला कि अमानतुल्लाह खान यहां मजबूत कैडिडेट हैं, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी अरीबा खान की भी इलाके में अच्छी पकड़ है क्योंकि उनके पिता कांग्रेस से 2013 में यहां विधायक रहे हैं. वहीं शफा उर रहमान के साथ भी बहुत लोगों की हमदर्दी है और उनपर लगे आरोपों के बावजूद लोग उनको उम्मीदवार के तौर पर पसंद कर रहे हैं. इस सीट पर आज तक बीजेपी जीत दर्ज नहीं कर पाई है, लेकिन पिछले दो चुनावों में दूसरे नंबर पर रही है. 

अलग-अलग वादों से जनता को साधने की कोशिशअसदुद्दीन ओवैसी ने एआईएमआईएम उम्मीदवार शफा उर रहमान के लिए गुरुवार को जनता से समर्थन मांगा. साथ ही अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल बेल पर बाहर आ सकते हैं तो शफा उ रहमान जेल में रहकर चुनाव जीत सकते है. इस दौरान उन्होंने केजरीवाल और मोदी को भाई-भाई बता दिया.

शफा उर रहमान पर दिल्ली दंगों का आरोप और जेल में होने के सवाल पर ओवैसी ने कहा कि देश की पार्लियामेंट में 250 ऐसे एमपी हैं जो जीत के आए हैं और उनपर संगीन आरोप भी लगा है. उन्होंने कहा कि 250 में से 170 पर तो रेप का केस है. ओवैसी ने जनता से सवाल किया कि 'शफा जेल में क्यों है और अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर क्यों है? शफा जेल में क्यों है और अमानतुल्लाह को बेल क्यों हो गई? सिसोदिया को बेल क्यों हो गई? और शफा को बेल क्यों नहीं होती? 

वहीं अमानतुल्लाह खान ने कहा कि वह अपने पांच साल के कार्यकाल में बीजेपी के इशारे पर की गई कार्रवाई के चलते जेल में रहे, जिस वजह से वह काम नहीं कर पाए और जेल से बाहर आते ही बीते दो महीने में उन्होंने काफी काम किया है. वहीं कांग्रेस उम्मीदवार अरीबा खान का आरोप है कि इलाके में अमानतुल्लाह खान ने काम नहीं किया है, जिस वजह से ओखला की आवाम को काफी परेशानी हुई है.  वह इस बात पर जनता को राजी करने में लगी हैं कि अगर वह विधायक बन के आती हैं, तो जो भी काम इलाके के रुके हुए हैं या नहीं हुए हैं उनको वह पूरा कराएंगी.

ओखला सीट पर कब-कब कौन जीता? ओखला विधानसभा सीट का इतिहास देखें तो इस सीट से पहले विधायक ललित मोहन गौतम जेएनपी जनता पार्टी से 1977 में बने थे. जबिक कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही थी. 1983 में इसपर कांग्रेस की पहली बार जीत हुई और देशराज छाबड़ा विधायक बने थे. 1993 में परवेज जेडी जनता दल से जीत हासिल कर के विधायक बने थे और कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही थी.

 1998, 2003 और 2008 में तीनों बार कांग्रेस इस सीट पर जीती और परवेज हाशमी इस सीट से तीन बार लगातार विधायक रहे. 2013 में इस सीट पर फिर कांग्रेस ने ही जीत हासिल की, लेकिन इस बार उम्मीदवार आसिफ मोहम्मद खान रहे, जो कि 2025 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अरीबा खान के पिता हैं. 2015 और 2020 दोनों बार लगातार आम आदमी पार्टी की जीत हुई और अमानतुल्लाह खान विधायक बने. 

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज बारिश का अलर्ट, फिर बढ़ेगी ठिठुरन वाली ठंड! जानें- मौसम का ताजा अपडेट