दिल्ली की सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने के नियम सख्त होने जा रहे हैं. परिवहन विभाग की प्रस्तावित ई-रिक्शा पॉलिसी के तहत अब नए के साथ पुराने ई-रिक्शा मालिकों को भी ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट (ECC) लेना होगा. पॉलिसी की अधिसूचना जारी होने के बाद पुराने पंजीकृत ई-रिक्शा मालिकों को आवेदन के लिए 90 दिन का समय मिलेगा. तय अवधि में वैध ECC नहीं लेने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

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प्रस्तावित पॉलिसी में ई-रिक्शा को तीन कैटेगरी में रखा गया है. इनके लिए दस्तावेजों और पंजीकरण की स्थिति के आधार पर नियम तय किए गए हैं.

कैटेगरी-A: इसमें उन ई-रिक्शा को शामिल किया जाएगा, जिनका पंजीकरण नई पॉलिसी की अधिसूचना जारी होने के बाद होगा.कैटेगरी-B: इस श्रेणी में पहले से पंजीकृत वे ई-रिक्शा आएंगे, जिनके पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट और बीमा है. साथ ही, वाहन चलाने वाले ड्राइवर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज होना जरूरी है.कैटेगरी-C: इसमें पहले से पंजीकृत ऐसे ई-रिक्शा शामिल होंगे, जिनके पास ऊपर बताए गए जरूरी दस्तावेजों में से कोई भी उपलब्ध नहीं है. कैटेगरी-B और कैटेगरी-C के मालिकों को अधिसूचना जारी होने की तारीख से 90 दिन के भीतर ECC के लिए आवेदन करना होगा. 

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दो साल तक वैध रहेगा ECC

परिवहन विभाग ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट डिजिटल माध्यम से जारी करेगा. इसकी वैधता दो साल निर्धारित की गई है. सर्टिफिकेट में वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), मालिक के विवरण और अधिकृत चालक के नाम-पते की जानकारी दर्ज होगी. इसके अलावा चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, PSV बैज, बैटरी मानकों के अनुपालन, वाहन के फिटनेस सर्टिफिकेट और बीमा से जुड़ी जानकारी भी ECC में शामिल रहेगी. सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए संबंधित श्रेणी के मुताबिक सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. 

रजिस्ट्रेशन नंबर से पता चलेगा किस जिले का है ई-रिक्शा

नई व्यवस्था में ई-रिक्शा की पहचान के लिए उसके रजिस्ट्रेशन नंबर में संबंधित आरटीओ का नंबर भी जोड़ा जाएगा. इसके तहत DL-1ER, DL-2ER, DL-3ER और इसी तरह के अन्य कोड इस्तेमाल किए जाएंगे. इससे रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर यह पहचानना आसान होगा कि ई-रिक्शा किस जिले से पंजीकृत है.

नई पॉलिसी में ई-रिक्शा के मालिकाना हक की सीमा भी तय की गई है. इसके मुताबिक, एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम पांच ई-रिक्शा ही पंजीकृत करा सकेगा. वहीं, किसी संस्था के नाम पर अधिकतम 100 ई-रिक्शा के पंजीकरण का प्रावधान रखा गया है. हालांकि, संस्था को अपने प्रत्येक ई-रिक्शा के लिए चालक का विवरण देना होगा. हर चालक के पास वैध ई-रिक्शा ड्राइविंग लाइसेंस और PSV बैज होना अनिवार्य होगा. 

ड्राइवर बदलने पर भी देनी होगी जानकारी

यदि ई-रिक्शा का मालिक खुद वाहन चलाता है, तो उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और PSV बैज होना चाहिए. वहीं, किसी दूसरे व्यक्ति को चालक नियुक्त करने की स्थिति में मालिक को संबंधित पंजीकरण प्राधिकरण के पास उसकी जानकारी देनी होगी. चालक बदलने पर भी रिकॉर्ड अपडेट कराना जरूरी होगा. इस तरह प्रस्तावित नियमों में केवल वाहन के दस्तावेज ही नहीं, बल्कि उसे चलाने वाले व्यक्ति की जानकारी को भी पंजीकरण व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है.